टीचर्स डे पर टीचर्स के लिये…
टीचर्स डे पर टीचर्स के लिये…
अच्छे बुरे की बात छोड़ो अगर बस टीचर भर हो तो आज यह हलफ उठाओ कि
डेस्क के नीचे झुककर पेन उठाने के बहाने टिफिन खोलकर निवाला चबाते बालकों को कभी सज़ा नहीं दोगे ।
किसी बात पर हँसने का मन हो तो खुद भी हँसोगे और बच्चों को भी हँसने दोगे ।
बच्चों के सवाल का जवाब न आने पर उनको बेइज्ज़ती भरी झाड़ पिलाने की बजाए यह कहने की हिम्मत रखोगे कि हम किसी और दिन इसपर बात करेंगे ।
लाल लाल नुकीले काँटों से उनकी ज़िंदगी की कॉपी को खारिज नहीं करोगे बल्कि एक कोने में चुपके से प्यार से मुनासिब सही को दर्ज कर दिया करोगे ।
बच्चा माल नहीं है और तुम स्टॉक कीपर नहीं हो ।सो बच्चे पर लेबल नहीं लगाओगे जी ।
बच्चों के भोलेपन को अपने निराशा हताशा के भार से बोझिल नहीं करोगे ।
दस बीस हज़ार की समझौते वाली सैलरी , मैनेजमेंट खानदान के डमी प्रिंसिपलों की फटकारबाजी और सम्मानरहित पढ़ने पढ़ाने के माहौल के बावजूद आपसे यह गुज़ारिश है जी कि बस बच्चों से कोई खुंदक मत निकालना ।
बाकि बच्चों का क्या है बावजूद इन पप्पू पाठशालाओं के अपनी ज़िंदगी का कुछ न कुछ अच्छा तो कर ही लेंगे जी ।
#पाठशालाभंगकरदो
#पुरानामालनयासाल
Neelima Chauhan जी की वॉल से
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