साइकिल योजना ने महिलाओं को सशक्त बनाया?
2010 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार में महिला मतदाताओं ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया. वास्तविकता ये थी कि पुरुषों की तुलना में ज़्यादा महिलाओं ने वोट डाले.

पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 फ़ीसदी आरक्षण की घोषणा करने वाला बिहार पहला राज्य था. इसके बाद दूसरे राज्यों में यह लागू हुआ. बिहार चंद गिने चुने राज्यों में शामिल था जहां लड़कियों के आठवीं क्लास पास होने पर 2,000 रुपये देने की योजना लागू है. इसे साइकिल योजना भी कहते हैं. जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक़, बिहार में लड़कियों की साक्षरता की दर 2001 में 33 फ़ीसदी थी, जो बढ़कर 2010 में 51 फ़ीसदी हो गई है. पिछले चुनावों की तुलना में अब बिहार का मतदाता अपने मताधिकार का ज़्यादा इस्तेमाल कर रहा है.
सीमा क्या है?

ये सब सही है लेकिन यह कहना मुश्किल है कि केवल साइकिल योजना के चलते लड़कियों में साक्षरता दर बढ़ी है.लड़कियों की साक्षरता की दर दूसरे राज्यों में भी बढ़ी है. 1991 में बिहार में लड़कियों की साक्षरता दर 22 फीसदी थी जो 2001 में बढ़कर 33 फीसदी हो गई थी, लेकिन तब साइकिल योजना नहीं थी.
Related News
महाकुंभ में साकार है भारत
महाकुंभ में साकार है भारत। दिलीप मंडल महाकुंभ इतना विशाल है कि इसके अंदर कईRead More
इसलिए कहा जाता है भिखारी ठाकुर को भोजपुरी का शेक्सपियर
स्व. भिखारी ठाकुर की जयंती पर विशेष सबसे कठिन जाति अपमाना / ध्रुव गुप्त लोकभाषाRead More


Comments are Closed