बिहार कथा
टुअर हो गया नीतीश का ‘विकास’
वीरेंद्र यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेचारा ‘विकास’ टुअर हो गया। नीतीश भाजपा की ‘पालकी’ में इसलिए बैठ गये थे कि भाजपा उनके ‘विकास’ को भी ढोएगी। लेकिन भाजपा नीतीश के विकास के बजाये नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ ढो रही है। नीतीश तो खुद अब अपने ‘विकास’ के बजाये ब्राह्मण, कोईरी, कहार और राजपूत को ढो रहे हैं। पटना में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक में कार्यकर्ताओं ने एक सुर से शराबबंदी, दारूबंदी से लेकर थानोंमें अपमान का दर्द सुनाया। नागेंद्रजी और भूपेंद्र यादव ने दर्द को सहलायाRead More
खुद बीमार हो गया तिरबिरवां पंचायत का स्वास्थ्य केन्द्र
बिहार कथा, गोपालगंज।आज तिरबिरवां पंचायत के स्थानीय ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया बरसों का सपना साकार ना होने के कारण नाराज तिरबिरवां वासी सैकड़ों की तादाद में तिरबिरवां पंचायत में इंडियन स्वास्थ्य केंद्र के नाम से आज से 17-18 साल पहले एक भवन का निर्माण हुआ था जिस भवन के निर्माण होने के बाद उद्घाटन भी किया गया था और उसमें एक महिला और एक पुरुष डॉक्टर के रूप में बैठते थे मगर 1 सप्ताह के बाद फिर वह लोग अचानक गायब हो गए और आज 17 सेRead More
राजनारायण अध्यक्ष , प्रिंस मंत्री बने मज़दूर संघ के
बिहार कथा। गोपालगंज. देश का सबसे बड़ा श्रम संगठन होने के कारण हमारी जिम्मेदारी मज़दूरों के प्रति अधिक बनती है। राष्ट्र के मजदूरों को भ्रम जाल से निकालने का कार्य करता है भारतीय मजदूर संघ। उक्त बातें सांसद आवास में आयोजित भारतीय मजदूर संघ की आम सभा को संबोधित करते हुए बीएमएस प्रदेश मंत्री राकेश भारती ने कही। अपने संबोधन में प्रदेश मंत्री श्री भारती ने कहा कि राजनीतिक दलों से सम्बद्ध श्रम संगठनों द्वारा आयोजित 8-9 जनवरी को बुलाये गए देशव्यापी हड़ताल से भारतीय मजदूर संघ अलग रहने काRead More
लोकतंत्र, ओपनियन मेकिंग और जाति!
दिलीप मंडल लोकतंत्र, ओपनियन मेकिंग और जाति! हर पार्टी के नेता ब्राह्मणों को खुश इसलिए नहीं करना चाहते कि उनकी संख्या ज्यादा है. बात संख्या की नहीं है. संख्या सबकुछ नही है. एक ब्राह्मण पूरे गांव या मोहल्ले की ओपिनियन बनाने की क्षमता रखता है. वह पान दुकान में खड़ा होता है, तो अपनी बात आत्मविश्वास से कहता है. बस और ट्रेन में होता है, तो अपनी बात दम के साथ कहता है. झूठ भी आत्मविश्वास के साथ बोलता है. उसकी बात सुनी और मानी जाती है. वह मीडिया मेंRead More
सेहत के विषयों को प्रमुखता दे मीडिया: आशुतोष कुमार सिंह
नई दिल्ली। मीडिया में सेहत से सम्बंधित खबरों की रिपोर्टिंग न के बराबर होती है। स्वास्थ्य खबरों को उतनी प्रमुखता नहीं दी जाती है, जितनी दिए जाने की जरूरत है। गर मीडिया स्वास्थ्य संबंधी खबरों को प्रमुखता दे तो देश की स्वास्थ्य ब्यवस्था सुधर सकती है। उक्त बातें जेनेरिकोनॉमिक्स के लेखक एवं स्वस्थ भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के ग्वायर हाल में स्थित अटल सभागार में बोलते हुए कही। ‘मीडिया आम जन के सेहत को लेकर जितना गंभीर है’ विषय पर आयोजित परिचर्चा मेंRead More
मुस्लिम तुष्टीकरण के फंदे में फंसा तीन तलाक विधेयक
संजय तिवारी.नई दिल्ली. भारत में कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े नेताओं, बुद्धिजीवियों का प्रमुख मुद्दा रहा है पितृसत्तात्मक व्यवस्था। वो जब पितृसत्तात्मक व्यवस्था कहते हैं तो उसका मतलब होता है कि भारत की सामाजिक व्यवस्था में महिलाओं को वह स्थान नहीं दिया गया, जिसका हक उन्हें हासिल है। उनका मानना है कि भारत में पुरुष प्रधान व्यवस्थाएं हैं जिस व्यवस्था में महिलाओं को हाशिए पर रखा गया है। लेकिन इसी कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े एक सांसद मोहम्मद सलीम लोकसभा में तीन तलाक विधेयक पर बोलने के लिए खड़े हुए तो अचानकRead More
गोपालगंज में जनकराम, गया में हरी मांझी हैं भाजपा के लिए जरूरी
जानिए क्यों नहीं कट सकता है गोपालगंज में भाजपा से जनकराम का टिकट विशेष संवाददाता, बिहार कथा. गोपालगंज. सियासी बयार में राजनीति का उंट कब किस करवट बैठ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है. आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर गोपालगंज से भाजपा के सांसद जनक राम के टिकट काटने को लेकर कई लोग कयास लगा रहे हैं. इसको लेकर सोशल मीडिया में भी कंपने चलाए गए. लेकिन क्या होगा आगे, क्या कटेगा जनकराम का टिकट इसको लेकर कंपेन चलाने वाले लोगों में संशय बरकरार है. चुनाव की राजनीति वोटों केRead More
अलबला रहे हैं ‘अखाड़े’ के लिए पहलवान
वीरेंद्र यादव बिहारी महाभारत में ‘सर्वपार्टी समभाव’ का दौर चल रहा है। इस महाभारत में कोई किसी का दुश्मन नहीं है। सब अवसर के यार हैं। भाजपा ने टिकट काटा तो राजद या कांग्रेस से परहेज नहीं। राजद में दाल नहीं गली तो जदयू या भाजपा से भी परहेज नहीं। संभावित उम्मीदवार की बात छोडि़ए, पार्टी के नेता ही डुबकी मारते देर नहीं कर रहे हैं। लोजपा, रालोसपा या हम जैसी पार्टियों का कोई व्यावहारिक ढांचा नहीं है। रामविलास पासवान, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी पार्टी के नेता नहीं हैं। येRead More
महिलाओं की बदहाली के खिलाफ सावित्री बाई फुले ने फूंका था क्रांति का बिगुल
हथुवा में मानी सावित्री बाई फुले की जयंती हथुआ, गोपालगंज।दलित ओबीसी जनजागरण संघ की ओर से सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई गई। इस मौके पर सावित्री बाई फुले के कार्यों को याद किया गया। संघ से संयोजक संजय कुमार ने कहा कि देश मे जिस दौर में स्त्रियों की शिक्षा प्रतिबंधित थी, तब एक महिला ने लड़कियों को पढ़ाने का जोखिम लिया. उन्होंने देश का पहला बालिका विद्यालय 1 जनवरी 1848 को खोला था. यह क्रांति करने वाली महिला सावित्री बाई ही थी। जाति के खिलाफ महाराष्ट्र के पुनर्जागरणRead More
मोतिहारी में होगी तेली अधिकार रैली
तेली अधिकार रैली सह अभिनंदन समारोह की तैयारियों को ले बैठक कोटवा: अम्बिका प्रसाद। भामा साह जन कल्याण संस्थान के तहद तेली अधिकार रैली सह अभिनंदन समारोह की तैयारियों को ले कर पुन्यदेव साह के आवास पर एक बैठक की गई।बैठक की अध्यक्षता लखिन्द्र साह ने किया ।आगामी 17 फरवरी 2019 को मोतिहारी राजेंद्र नगर भवन में होने वाले तेली अधिकार रैली सह अभिनंदन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपने अधिकारों के लिए जागरूक होने का आह्वान किया गया।बैठक में अध्यक्ष द्वारा मुख्यरूप से शिक्षा ,Read More
