बिहार कथा
बिना विधायक बने भी होती है जनता की सेवा
संजय स्वदेश कहते हैं कि न प्यार और जंग में सब कुछ जायज है। वैसे ही सत्ता की इस जंग में जीत के लिए क्या कुछ नहीं हो रहा है। यह परिपक्व होते लोकतंत्र की पहचान है कि अब कोई भी बड़ा से बड़ा राजनीतिक दल बिहार में अकेले अपने दमखम पर चुनाव मैदान में नहीं उतर सकता है। वोटों के बिखराव के नाम पर सत्ता के लिए गठबंधन सबकी मजबूरी हो चुकी है। जब गठबंधन है तो सीटों के बंटवारे में थोड़ा बहुत समझौता तो करना ही पड़ेगा। पार्टियोंRead More
सियासी अखाड़े में बेटिकटों की भगदड़, गोपालगंज के हर विधानसभा में भतीरघात के आसार
बिहार कथा पटना/गोपालगंज। चुनावी जंग में कूदने से पहले राजनीतिक दलों का आंगन अखाड़ा बन गया है। हर तरफ घमासान मचा है। टिकट बंटवारे से नाराज दावेदार या तो दूसरे दरबाजे पर दस्तक दे रहे हैं या बगावत का बिगुल फूंक रहे हैं। टिकट कटने के बाद वर्तमान विधायकों ने पाला बदल शुरू कर दी है। राजनीतिक दलों में भगदड़ जैसे हालात हैं। पार्टियों के बड़े नेता टिकट के दावेदारों से मिलने से परहेज कर रहे हैं। उनके आवास और पार्टी दफ्तरों पर धरना-प्रदर्शन का दौर जारी है। टिकट कटनेRead More
बिहार में महादलित ही हैं तुरुप का पत्ता
अमिताभ श्रीवास्तव | सौजन्य: इंडिया टुडे “बिहार को अपनी सरकार दो, जो है उसको गद्दी से उतार दो” इतवार की उमस भरी दोपहर थी. गया जिले के फतेहपुर हाइस्कूल में जीतनराम मांझी भाषण देकर पहली मंजिल के पोर्च में आए ही थे कि करीब सौ महिलाओं ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया. ये सभी राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में ठेके की कर्मचारी हैं और दलित परिवारों से हैं. सभी महिलाएं मांझी का नीतीश सरकार के खिलाफ वही नारा दोहराने लगीं कि बिहार को अपनी सरकार दो. ढोलक की धुनRead More
अपहरण कांड में डेढ़ साल से जेल में बंद थी लड़की, अब तीन महीने का गर्भ
मुजफ्फरपुर. करीब डेढ़ साल से शिवहर मंडल कारा में बंद महिला तीन माह की गर्भवती निकली है। शनिवार को शिवहर मंडल कारा से उसे मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल लाया गया। महिला बंदी ने खुद जेल प्रशासन को प्रेगनेंट होने की लिखित जानकारी दी। एहतियातन जेल प्रशासन ने प्रेगनेंसी टेस्ट सदर अस्पताल में कराया। वहां उसे गर्भवती बताया गया। जेल में रह रही महिला के गर्भवती होने से जेल व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो गया है। पिछले साल शिवहर मंडल कारा के तत्कालीन अधीक्षक ने उसका कन्यादान करते हुए जेल में बंदRead More
बिहार की राजनीति में हाशिए पर ब्राह्मण! कहां से आए चाणक्य?
बिहार की आबादी प्रतिशत में काफी कम ब्राह्मण देश की अस्सी प्रतिशत जगहों पर कैसे बैठे हैं? विधानसभा में इनकी संख्या आबादी प्रतिशत से अधिक कैसे है ? इसे कैसे उखाड़ फेंका जाए? इसके कौन-कौन कारक हैं ? —————- सुभाष चंद्र/पटना बेशक पुराण-शास्त्रों और समाज में ब्राह्मण को विशिष्ट मान्यता दी गई है। हिंदुस्तान की राजनीति में भी इनका काफी वर्चस्व रहा, लेकिन नब्बे के दशक आते-आते इनकी शक्ति क्षीण होती गई और ए हाशिए पर धकेल दिए गए। बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे हिंदी प्रदेशों में कभी सत्ता कीRead More
जातिवादी राजनीति का मिथ और सच
संजीव चंदन महाराष्ट्र का वर्धा जिला महात्मा गांधी के प्रयोगों का जिला है , वहां रहने के अपने 10 साल के अनुभवों से राजनीति का स्थानीय सूत्र जान पाया कि पार्टियां वहां टिकट देने में उम्मीदवारों की जाति का ख़ास ख्याल रखती हैं. जिले की राजनीति में तेली और कुणवी, दो जातियों के बीच ध्रुवीकरण है, टिकट बंटवारे में इसका ख़ास ख्याल रखा जाता है , यानी एक जाति का उम्मीदवार यदि एक पार्टी ने निश्चित किया तो दूसरी पार्टी का उम्मीदवार किस जाति से होगा वह स्वतः स्पष्ट होRead More
पूर्व बिहार में सभी पार्टियों में परिवारवाद हावी
वीरेंद्र कुमार.भागलपुर, तमाम दावों के बावजूद पूर्व बिहार में परिवारवाद की राजनीति हावी है। इन जिलों में एक दर्जन से अधिक परिवारों के इर्द-गिर्द राजनीति घूमती रही है। मंगलवार को भाजपा की जारी पहली सूची में परिवारवाद की झलक दिख चुकी है। भाजपा ने बांका के बेलहर से पूर्व सांसद जनार्दन यादव के पुत्र मोनज यादव को और कटोरिया से वर्तमान विधायक सोनेलाल हेम्ब्रम की पुत्रवधू निक्की हेम्ब्रम को टिकट दिया है। सभी दल के दिग्गजों में पुत्र और परिवार के सदस्यों को टिकट दिलाने की होड़ मची हुई है।Read More
वामपंथ की जड़ पर रंगा भगवा रंग
टाइम्स न्यूज नेटवर्क बीहट. यूं ही नहीं बेगूसराय और खासतौर पर बीहट गांव को बिहार का लेनिनग्राद कहा जाता था। आज भी इस गांव में आपको वैसे घर मिल जाएंगे जहां लेनिन की तस्वीर आपको घर के सामने की ओर लगी मिलेगी। ऐसे जैसे कि घर कह रहा हो कि वह लेनिन है, लेनिन की विचारधारा से रंगा है। ऐसा ही एक घर है आॅल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) के दिवंगत नेता चंद्रेश्वरी सिंह का। चंद्रेश्वरी सिंह ने बिहार में वामपंथी आंदोलन की नींव रखी थी। आज भी आएRead More
कभी शहाबुद्दीन से थरथराते थे लोग, जिसे पीटा था उसी ने हराया
बिहार कथा. सीवान। बिहार में राजद के शासन में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन खौफ का दूसरा नाम हुआ करते थे। लोग इनसे थरार्ते थे। फिलहाल वो जेल में बंद हैं। लेकिन बिहार के डॉन और आतंक के पर्याय रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन अर्थात साहब का जलवा ऐसा था कि पूछिए मत। सीवान में आज भी लोग नाम लेकर नहीं पुकारते। जेल में बंद होने बावजूद उनका खौफ लोगों पर भारी है और उनकी पहचान साहब की बनी हुई है। बीते करीब 27 सालों से ऐसा ही हो रहा है। शहाबुद्दीन का जन्मRead More
दल बदल के माहिर खिलाड़ी हैं हथुआ से हम के उम्मीदवार महाचंद्र प्रसाद सिंह
जानिए हथुआ से हम के उम्मीदवार डा. महाचंद्र प्रसाद सिंह के बारे में बिहार कथा, हथुआ-गोपालगंज इस विधानसभ चुनाव में हथुआ में नजरा दिलचस्प होगा। हम के उम्मीदवार डा. महाचंद प्रसाद सिंह भूमिहार जाति से हैं। अध्यापक पेशे से जुड़े हैं। उच्च शिक्षित हैं। एमएससी और डॉक्टरेट हैं। विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। 8 जुलाई, 1948, जमालपुर (अथमलगला), जिला- पटना जन्में महाचंद्र प्रसाद छात्र-जीवन से ही राजनीति एवं सामाजिक कार्य में सक्रिय रहे। व्याख्याता के रूप में अपनी सेवा आर. के. कॉलेज, मधुबनी से शुरू की। इसके बादRead More
