बिहार कथा
साइकिल योजना ने महिलाओं को सशक्त बनाया?
प्रोफ़ेसर संजय कुमार (बीबीसी हिंदी डॉटकाम) 2010 के विधानसभा चुनाव के दौरान बिहार में महिला मतदाताओं ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया. वास्तविकता ये थी कि पुरुषों की तुलना में ज़्यादा महिलाओं ने वोट डाले. पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 फ़ीसदी आरक्षण की घोषणा करने वाला बिहार पहला राज्य था. इसके बाद दूसरे राज्यों में यह लागू हुआ. बिहार चंद गिने चुने राज्यों में शामिल था जहां लड़कियों के आठवीं क्लास पास होने पर 2,000 रुपये देने की योजना लागू है. इसे साइकिल योजना भी कहते हैं. जनगणना के आंकड़ोंRead More
ये लीजिए, सीएम कैंडिडेट तो बढ़ते ही जा रहे
मृगांक शेखर.नई दिल्ली। एनडीए की ओर से बिहार के मुख्यमंत्री पद के दावेदार तो बहुत थे, पर उम्मीदवार कोई नहीं. अब तो ऐसा लगता है जैसे मशरूम की तरह कोने कोने से उम्मीदवार उगते चले आ रहे हैं. कुछ तो नेताओं के जोरदार खंडनों के चलते मुरझा भी गए. पहले तो ए इशारों इशारों में खुद को असली उम्मीदवार बता देते हैं, फिर अगले ही क्षण खंडन भी कर देते हैं, “मैं तो रेस में बिलकुल नहीं हूं.” जीतन राम मांझी तो उछल उछल कर इशारे कर रहे हैं – औरRead More
बिहार हार न जाए, खंडित जनादेश की आशंका
सुभाष चंद्र दो चरण का चुनाव हो गया। वोटों की प्रतिशत में इजाफा हुआ। आमतौर पर माना जाता है कि वोटों में इजाफा एंटी इन्कम्बेंसी का होता है। लेकिन बिहार में नीतीश कुमार के साथ ऐसा कोई फैक्टर नहीं है। जो बिहार आते-जाते हैं, चाहे वह किसी भी जात,धर्म, संप्रदाय के हों, उन्हें पता है कि नीतीश ने बिहार में काम किया है। बेहतरीन किया है। कानून-व्यवस्था दुरुस्त किया है। तो फिर एंटी इन्कम्बेंसी कैसे होगा? हां, लालू का साथ खासकर सवर्ण को रास नहीं आ रहा है। हमला लालूRead More
विदेशी निवेशकों की भी बिहार चुनाव पर निगाह
नतीजे तय करेंगे निवेश की रफ्तार शिल्पी सिन्हा, मुंबई। बिहार के विधानसभा चुनाव के नतीजों को भारत के लिए राजनीतिक परिदृश्य के लिए तो अहम माना ही जा रहा है, दुनिया भर के निवेशकों की निगाह भी इस पर टिकी है। डोएचे बैंक के अर्थशास्त्री कौशिक दास के मुताबिक विदेशी इक्विटी निवेशक भारत के माहौल को परखने के लिए बिहार के चुनावों पर निगाह बनाए हुए हैं। दास ने कहा कि वैश्विक निवेशक महसूस कर रहे हैं कि केंद्र सरकार ने आर्थिक सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिनRead More
ये है PAK में रह रही गीता की पूरी कहानी…
धीरज सिंह. नई दिल्ली पाकिस्तान में रहने वाली भारत की गीता का असली नाम हीरा है. जी हां, पहली बार गीता का असली नाम सामने आया है. गीता उर्फ हीरा के परिवार का कहना है कि उसका दस साल का एक बेटा भी है. गीता की पूरी कहानी जानकर किसी का भी दिल आसानी से पसीज जाएगा. गीता का बेटा अपनी मां को बुला रहा है. कराची में करीब दस साल से रहने वाली गीता के पूरे परिवार को आज तक ने ढूंढ निकाला है. गीता बेजुबान है, मगर उसका बेटाRead More
बिहार से पाकिस्तान पहुंची गीता जल्द लौटेगी
सज्जाद हुसैन. इस्लामाबाद/नई दिल्ली। गलती से एक दशक से भी अधिक समय पहले सीमा पार करने के बाद पाकिस्तान में रह रही मूक बधिर भारतीय महिला गीता जल्द ही घर लौटेगी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज नयी दिल्ली में बताया, गीता जल्द ही स्वदेश लौटेगी। हमने उसके परिवार का पता लगा लिया है। उसे डीएनए जांच के बाद ही अपने परिवार को सौंपा जाएगा। 23 साल की गीता को ईदी फाउंडशेन की बिलकीस ईदी ने गोद लिया था और वह कराची में उसके साथ रहती है। ईदी फाउंडेशन केRead More
क्या बिहार चुनाव में ध्रवीकरण के लिए लौटाए जा रहे हैं पुरस्कार?
अभिरंजन कुमार किसी दिन पुरस्कार लौटाने के लिए यह जरूरी है कि आज पुरस्कार बटोर लो. पुरस्कार मिले तो भी सुर्खियां मिलती हैं. मिला हुआ पुरस्कार लौटा दो तो और अधिक सुर्खियां मिलती हैं. समूह में पुरस्कार लौटाना चालू कर दो तो क्रांति आ जाती है. ऐसी महान क्रांति देखकर मन कचोटने लगा है. काश… # उस वक़्त किसी ने पुरस्कार लौटाना था, जब देश में लाखों किसान आत्महत्या करते रहे. आज न जाने कितने किसानों का घर-परिवार उजड़ने से बच गया होता. # उस वक़्त किसी ने पुरस्कार लौटानाRead More
लालू बोले, इस चुनाव में हारे तो बर्बाद हो जाएंगे
विनोद बंधु.पटना, : राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद दावे के साथ कहते हैं कि हम चुनाव जीत चुके हैं। बिहार में भारी बहुमत से महागठबंधन की सरकार बनेगी। इस चुनाव में जो हारेगा, वह बर्बाद हो जाएगा। भाजपा हारे या हम हारें। शाम को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर लालू प्रसाद से हमारी बातचीत हुई। आत्मविश्वास से लबरेज लालू प्रसाद कहते हैं कि भाजपाका असली चेहरा सामने आ गया है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आरक्षण को लेकर चुनाव के ठीक पहले जो बातें कही हैं, वह उनके गुरुRead More
क्या सवर्ण जाति देख कर वोट नहीं देते?
प्रोफ़ेसर संजय कुमारसीएसडीएस, (बीबीसी हिंदी डॉटकाम) बिहार चुनावों पर बीबीसी की विशेष सिरीज़ ‘बूझिए ना बिहार को’ में हम आपको अगले कुछ दिनों तक राज्य से जुड़े मिथकों और तथ्यों के बारे में बताते रहेंगे. इस कड़ी में जानिए, क्या बिहार में होने वाले चुनावों में सवर्ण लोग जाति के आधार पर वोट नहीं देते हैं? क्या वे मुद्दों के आधार पर ही तय करते हैं किसे वोट दिया जाए? मुद्दों पर मतदान? mage copyrightAP आमतौर पर यह माना जाता है कि बिहार का अन्य पिछड़ा वर्ग या ओबीसी (जिसमेंRead More
जनता से अपनी सेवा की मजदूरी मांग रहा हूं : अमरेंद्र पांडे
कुचायकोट विधानसभा के निवर्तमान विधायक अमरेंद्र पांडे उर्फ पप्पू पांडे से बातचीत इस बार का चुनाव आपके लिए पिछले दो चुनावों से कितना अलग है? -इस बार का चुनाव पिछले दो चुनावों से बिलकुल अलग है। पिछले चुनावों में हमारे सहयोगी के रूप में भारतीय जनता पार्टी थी। लेकिन उनके अव्यवहारिक साम्प्रदायिक चरित्र में अचानक अति मुखर हो जाने से हमने अपने आप को उनके अलग किया। हमारा मुख्य एजेंडा विकास,सामाजिक न्याय, दलित पिछड़ों, अल्पसंख्यकों कीसुरक्षा है। हम किसी भी कीमत पर इससे समझौता नहीं कर सकतें। हम अपने सहयोगियोंRead More
