बिहार कथा
खाड़ी देश से मिट रही सीवान, गोपालगंज और सारण में गरीबी!
बिहार कथा. नई दिल्ली/पटना. विदेशों में कमाई कर अपने देश पैसा भेजने (ग्लोबल रेमिटेंस) वालों में भारतीय अव्वल हैं। साल 2014 में विदेशों में नौकरी और कारोबार करने वाले भारतीयों ने कुल 70 अरब डॉलर भारत भेजे हैं। वहीं सर्वाधिक पैसा 37 अरब डॉलर खाड़ी देशों से आया है, जहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं. खाड़ी देशों से भेजा जा रहा यह पैसा देश से गरीबी दूर करने में भी बड़ी अहम भूमिका निभा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में बिहार के भी लोग हैं। एक तरह सेRead More
चुनौती की कसौटी पर लालू के दो पुत्र
आनंद मिश्रा. राघोपुर/महुआ (वैशाली)। दुनिया के सबसे पुराने गणतंत्र और लिच्छवियोंं की राजधानी वैशाली में दो सीटों पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद के दो पुत्र अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहांं लालू की राजनीतिक विरासत दांव पर है और राजग इन दोनों सीटों पर जदयू के बागी एवं वर्तमान विधायकों को उतारकर चुनावी चौसर पर दोनों स्टार पुत्रों को चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। राघोपुर और महुआ में इन दोनों सीटों पर 28 अक्तूबर को तीसरे चरण के दौरान मतदान होना है । यहां परRead More
सियासत का खेल : पीएम के बाद अब शाह ने भी कहा- आरक्षण में बदलाव नहीं करेगी भाजपा
पटना। बिहार विधानसभा चुनान को अगड़ा बनाम पिछड़ा बनाने का प्रयास करने के लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए मौजूदा आरक्षण प्रणाली के प्रति प्रतिबद्ध है और इसमें किसी बदलाव की योजना नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी कहा कि वह दृढ़ता से वर्तमान आरक्षण नीति का समर्थन करता है जो संविधान में सन्निहित है। आरएसएस ने सरसंघचालक मोहन भागवत के बयानRead More
15 साल की उम्र में छोड़ा स्कूल, कबाड़ बेचा और बने 14000 करोड़ के मालिक
जयपुर/अजमेर. बिजनेस टायकून की लिस्ट में शामिल वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। अनिल अग्रवाल बिहार से हैं और कबाड़ के धंधे से छोटा व्यापार शुरू करके माइंस और मेटल के सबसे बड़े कारोबारी बने। आज ये 14000 हजार करोड़ से ज्यादा के मालिक हैं। राजस्थान में 19 व 20 नवंबर को होने जा रहे रिसर्जेंट राजस्थान (आरआर) में देश के 70 बड़े औद्योगिक घरानों समेत 500 से ज्यादा बिजनेसमैन शामिल होंगे। इसमें अनिल अग्रवाल का नाम भी शामिल है। 15 साल की उम्रRead More
हुस्न का जलवा दिखा मर्दों को फंसाती थी, लूट लेती थी कीमती समान
मर्दों को आकर्षित कर खिलाती थीं नशीली गोली, पुलिस गिरफ्त में लुटेरी महिलाएं। पटना. जीआरपी ने नशे की गोली खिलाकर रेलयात्रियों को लूटने वाले महिला गिरोह की सात सदस्यों को स्टेशन के पास स्थित आॅटो स्टैंड से, जबकि तीन को प्लेटफार्म नंबर तीन से गिरफ्तार किया। इनमें तीन-चार महिलाओं के पास बच्चे भी हैं। इन महिलाओं के पास से 54 नशे की गोली एटीवान व 21 ब्लेड के टुकड़े बरामद किए गए हैं। यह गिरोह पश्चिमी बंगाल के बराकर का है। गिरफ्तार महिलाओं में यूपी की संगीता तिवारी, चंदा देवी,Read More
मिथिला में रामलीला : ‘हे राम ! तुम्हारी रंगभूमि में कहो कौन-सा रूप धरें ?’
सुभाष चंद्र यह तो हर कोई जानता है कि रामलीला में रामकथा का मंचन होता है। वर्तमान में पूरे विष्व में जो रामलीला प्रचलन में है, उसका मूलाधार है रामचरित मानस और वाल्मीकि रामायण ही है। लेकिन रामलीला कब और कैसे प्रारंभ हुई, इसको लेकर विद्वानों का एकमत नहीं है। एक संदर्भ में कहा जाता है कि त्रेता युग में श्री रामचंद्र के वनगमनोपरांत अयोध्यावासियों ने चैदह वर्ष की वियोगावधि राम की बाल लीलाओं का अभिनय कर बिताई थी। तभी से इसकी परंपरा का प्रचलन हुआ। एक अन्य जनश्रुति सेRead More
बिहार में कितनी पार्टियां लड़ रही हैं चुनाव?
बिहार चुनाव में जयप्रकाश नारायण आंदोलन फिर सुर्ख़ियों में है. जयप्रकाश नारायण एक समाजवादी नेता थे, जिन्होंने 1977 में कांग्रेस पार्टी के ख़िलाफ़ आंदोलन चलाया था और भारतीय राजनीति की तस्वीर बदल दी थी. आज़ादी के बाद पहली बार 1977 के आम चुनावों में जेपी आंदोलन के कारण कांग्रेस पार्टी हार गई. इससे पहले देश में आपातकाल लागू था. कांग्रेस विरोधी समूहों से मिलकर बनी जनता पार्टी ने दिल्ली की सत्ता पर क़ब्ज़ा तो जमा लिया लेकिन वो महज़ दो साल तक ही शासन कर सकी. हालांकि 1977 में हुएRead More
सत्ता से दूर होकर संशय में बिहार के राजपूत
भव्य इतिहास की टीस और स्वर्णिम भविष्य की कल्पना करते हुए राजपूत वर्तमान में किंकर्तव्यविमूढ़ हो गए हैं। राजतंत्र में राज करने वाली राजपूत जाति लोकतंत्र में नकारात्मकता से जड़-सी हो गई है। भाजपा के स्वाभाविक पैरोकार रहे राजपूतों की मांग है कि उपयुक्त समय आने पर उन्हें समुचित सम्मान मिले। अनंत अमित पहले कहा गया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में जाति के दंश से बिहार मुक्त होता हुआ सा लगा था, लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर जाति का तिलिस्म टूटता हुआ सा नहींRead More
बिहार चुनाव में सीबीआई भी मैदान में है?
मृगांक शेखर . दिल्ली। एक जिंदगी देता है और दूसरा इंसाफ. डॉक्टर और सीबीआई – दोनों ही पर इस मुल्क में उतना ही भरोसा किया जाता है जितना भगवान पर. डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही के आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन इस बात से उन्हें कोई खास फर्क नहीं पड़ता. सीबीआई के दुरुपएोग की भी बातें अक्सर उठती रहती हैं, पर उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. घटना होते ही सबसे पहले सीबीआई जांच की ही मांग होती है. सीबीआई जांच के लिए लोग धरना प्रदर्शन से लेकर आमरण अनशन तकRead More
बिहार का सियासी डीएनए डी-कोड
डॉ. कपिल शर्मा लाइट, कैमरा, एक्शन…और एक्शन रीप्ले. बिहार के चुनावों में अगर सियासी घटनाक्रम और बयानों के सिलसिले को देखें, तो फॉमूर्ला पिछले चुनावों से अलग नहीं दिखता. कभी मौत के सौदागर वाले जुमले सुनने को मिले थे, तो इस बार नरभक्षी से लेकर ब्रह्म पिशाच जैसी उपाधियां पेशे नजर हुईं. बिहार के चुनावी मैदान में जुमलों, अलंकारों और उपमाओं का इस्तेमाल करने वाले एक से बढ़Þकर एक माहिर खिलाड़ी हाजिर हैं. लेकिन बिहार का अपना एक जातिगत सियासी डीएनए है. जिसे डी-कोड करना दिखता तो आसान है, लेकिनRead More
