बिहार कथा
NRC का मतलब क्या?
Pushy Mitra मेरे एक रिश्तेदार असम में लेक्चरार की नौकरी करने गए थे। वहीं बस गए। रिटायर भी हो गए कई साल पहले। उनका बड़ा बेटा और बहू भी वहीं किसी कॉलेज में पढ़ाते हैं, छोटे बेटे ने एक चाय बागान भी लगा लिया है। मगर कुछ साल पहले पूरे परिवार को परेशान होकर बिहार में यहां वहां भटकते देखा। वे सुबूत जुगाड़ने आये थे कि 1971 से पहले से वे भारत के नागरिक हैं। भैरवलाल दास जी ने कुछ दिनों पहले बताया था कि आजकल बिहार राज्य के अभिलेखागारRead More
नाला बनवा कर हथुआ की बदसूरती दूर करेंगे जिप अध्यक्ष मुकेश पांडेय
बिहार कथा, हथुआ, गोपालगंज। हथुआ बाजार में सड़क पर हो रही जल जमाव की समस्या को जल्द ही दूर कर दिया जाएगा। नाले की सफाई कर दुकानदारों की समस्याओं को दूर करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिया गया है। हथुआ टैक्सी स्टैंड से लेकर गोपाल मंदिर मोड़ तक जल जमाव की समस्या से पीड़ित दुकानदारों व राहगीरों की गुहार पर जिप अध्यक्ष मुकेश पांडेय ने टैक्सी स्टैंड पहुंच कर स्थानीय व्यवसायियों को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर नाले पर किए गए अतिक्रमण को हटा करRead More
नाश्पाती वाले बुद्ध और सौ बटा सौ
[हमारी शिक्षा और व्यवस्था, आलेख – 3] ——————— राजीव रंजन प्रसाद चीन में नाशपाती के फलों पर एक प्रयोग हुआ। भगवान बुद्ध की आकृति का सांचा बनाया गया और नन्हें फलों को वास्तविक आकार लेने से पहले, उनपर वह कस दिया गया। फल जैसे जैसे आकार-प्रकार में बड़ा होता गया उसकी, बाध्यता थी कि वह अपना विस्तार सांचे की परिधि के भीतर ही करे। फल की अपनी कोई इच्छा नहीं थी, उसकी कोई स्वतंत्रता नहीं, उसकी नियति तय थी कि बुद्ध की तरह दिखना है। सोचता हूँ कि क्या जैसाRead More
