बिहार कथा
महाकुंभ में साकार है भारत

महाकुंभ में साकार है भारत। दिलीप मंडल महाकुंभ इतना विशाल है कि इसके अंदर कई सारे अरबाईन, हज ओर वैटिकन के क्रिसमस मास वग़ैरह समा जाएँगे। फिर भी जगह बचेगी। महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव है। किसी भी क़िस्म का दुनिया का सबसे बड़ा जनसमुद्र। इस साल महाकुंभ में जितने लोग आ रहे हैं वह अमेरिका की कुल आबादी से अधिक है। इतने लोगों से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बस जाएगा। इस बार 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ये वह मौक़ा है जबRead More
हथुआ में होगा 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ

17 से 20 मार्च तक हथुआ पंचायत के दुर्गामंदिर परिसर में होगा भव्य आयोजन महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए यज्ञ संचालन समिति का गठन संवाददाता. हथुआ. गोपालगंज। अखिल विश्व गायत्री परिवार की और हथुआ नगर पंचायत क्षेत्र में चार दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन होगा. यह आयोजन हथुआ पंचायत के दुर्गा मंदिर परिसर में 17 से 20 मार्च 2025 को होगा. गायत्री परिवार हरिद्वार से आए प्रतिनिधि मंडल इस महायज्ञ को कराएंगे.इस महायज्ञ के लिए भूमि पूजन का कार्यक्रम 2 फरवरी को बसंत पंचमी के पावन अवसरRead More
बीजेपी क्या है ? क्या है बीजेपी ?
बीजेपी क्या है ? क्या है बीजेपी ? दिलीप मंडल – बीजेपी ओबीसी को समुचित हिस्सेदारी देने वाली देश की पहली अखिल भारतीय पार्टी है, जिसे सर्व समाज, ख़ासकर गरीब महिलाओं का समर्थन मिलता है। कांग्रेस ने आज़ादी के बाद से यूपी में कुल 11 मुख्यमंत्री बनाए। कभी ओबीसी जातियों का कोई मुख्यमंत्री नहीं बनाया। एक भी नहीं। कभी नहीं। बीजेपी ने यूपी में अपना पहला मुख्यमंत्री माननीय कल्याण सिंह ओबीसी किसान लोधी जाति से बना दिया। बीजेपी मध्य प्रदेश में लगातार ओबीसी मुख्यमंत्री बनाती रही। सुंदरलाल पटवा, उमा भारतीRead More
गरीबी की गहराई से निकलने की आसान सीढ़ी है शिक्षा : सुनीता साह

‘गरीबी की गहराई से निकलने की आसान सीढ़ी है शिक्षा’ हथुआ ब्लॉक में जनसुराज का जन संवाद कार्यक्रम संवाददाता, हथुआ.जन सुराज की महिला नेत्री सुनीता साह ने हथुआ ब्लॉक क्षेत्र के कई इलाकों में महिलाओं के साथ जन संवाद किया. इसी क्रम में हथुआ नगर पंचायत के मछागर जगदीश में महिलाओं की भीड़ को संबोधित करते हुए सुनीता साह ने कहा कि गरीबी से निकलने के लिए शिक्षा ही सबसे आसान सीढ़ी है. यदि घर में चार बच्चे हैं और आप गरीबी के कारण सबको नहीं पढ़ा पा रहे हैंRead More
वोट की ताकत का दिलाया एहसास
मीरगंज नगर परिषद में चलाया गया जन सुराज जन संपर्क अभियान, वोट की ताकत का दिलाया एहसास संवाददाता, गोपालगंज: मीरगंज नगर परिषद क्षेत्र में मंगलवार को जन सुराज के सदस्यों ने जन संपर्क अभियान चलाया। इस दौरान जन सुराज के सदस्यों ने लोगों के घरों में जाकर उन्हें वोट की ताकत का एहसास दिलाया। जनसंपर्क अभियान के तहत मीरगंज के विभिन्न गांवों में भ्रमण किया गया। नगर अध्यक्ष रवि केशरी ने बताया कि हमने कई लोगों को प्राथमिकी सदस्य बनाने के साथ-साथ उन्हें जन सुराज की विचारधारा के बारे मेंRead More
इसलिए कहा जाता है भिखारी ठाकुर को भोजपुरी का शेक्सपियर

स्व. भिखारी ठाकुर की जयंती पर विशेष सबसे कठिन जाति अपमाना / ध्रुव गुप्त लोकभाषा भोजपुरी की साहित्य-संपदा की जब चर्चा होती है तो सबसे पहले जो नाम सामने आता है, वह है स्व भिखारी ठाकुर का। वे भोजपुरी साहित्य के ऐसे शिखर हैं जिसे न उनके पहले किसी ने छुआ था और न उनके बाद कोई उसके निकट भी पहुंच सका। भोजपुरिया जनता की जमीन, भोजपुरी की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं,उसकी आशा-आकांक्षा तथा राग-विराग की जैसी समझ भिखारी ठाकुर को थी, वैसी किसी अन्य भोजपुरी कवि-लेखक में दुर्लभ है।Read More
पारिवारिक सुख-समृद्धि और मनोवांछित फल के लिए ‘कार्तिकी छठ’

त्योहारों के देश भारत में कई ऐसे पर्व हैं, जिन्हें कठिन माना जाता है, यहां कठिन शब्द से तात्पर्य है, उस पर्व में पवित्रता, स्वच्छता का विशेष ख्याल रखना। छठ महापर्व ऐसा ही एक त्योहार है, जिसकी परम्परा का स्रोत रामायण और महाभारत काल से जुड़ा है। छठ सिर्फ एक पर्व नहीं है, बल्कि महापर्व है, जो पूरे चार दिन तक चलता है। नहाए-खाए से इसकी शुरुआत होती है, जो डूबते और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर समाप्त होती है। ये पर्व साल में दो बार मनाया जाता है।Read More
25 से 30 सांसदों की लालच में कांग्रेस ने लालू को अपना संगठन बेचा : प्रशांत किशोर

संवाददाता, मधुबनी : जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि 1989-90 में कांग्रेस जब यहां हारी उसके बाद उन्होंने पूरे बिहार को लालू जी के हवाले कर एक तरीके से बेच दिया। बिहार को बेचने के साथ अपने संगठन को बेच दिया। इसमें कांग्रेस अकेले नहीं है। कांग्रेस ने 1990 में बिहार की जनता के साथ जो धोखा किया उसका खामियाजा आज तक भुगत रही है। बिहार में 1990 के दौर में कांग्रेस रुलिंग पार्टी थी। इसके बाद कांग्रेसRead More
सहकारी समितियां भी बदल सकती हैं वोट का समीकरण

संपन्नता की राह सहकारिता ——————– सहकारी समितियां भी बदल सकती हैं वोट का समीकरण अरविंद शर्मा, नई दिल्ली ——————– राजनीति में सहकारी समितियों ने धन का स्रोत बढ़ाया, कार्यकर्ताओं को मिला संरक्षण, देश में साढ़े आठ लाख सहकारी समितियां, एक लाख पैक्सों से 13 करोड़ लोग जुड़े, दो लाख नए पैक्स बनने हैं, जो बड़ा वोट बैंक साबित हो सकते हैं ——————- सहकारिता संस्कृति के रूप में राजनीति का एक पुराना मोर्चा फिर से धीरे-धीरे सशक्त होने लगा है। लगभग तीन दशकों से इस क्षेत्र में ठहराव आ गया था।Read More
भाई-बहिन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन का इतिहास

भाई-बहिन के स्नेह का प्रतीक है रक्षाबंधन का पर्व रमेश सर्राफ धमोरा रक्षाबन्धन का पर्व भाई-बहिन के स्नेह का प्रतीक देश का एक प्रमुख त्यौहार है। रक्षाबन्धन पर्व में रक्षासूत्र यानि राखी का सबसे अधिक महत्व है। इस पर्व के दिन बहनें अपने भाई को राखी बांधती हैं। श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी पर्व भी कहते हैं। इस दिन ब्राह्मण, गुरु द्वारा भी राखी बांधी जाती है। हिन्दू धर्म के सभी धार्मिक अनुष्ठानों में रक्षासूत्र बांधते समय पण्डित संस्कृत में एक श्लोक का उच्चारण करतेRead More