हाय रे हथुआ, ऐसी बदहाली तो पहले नहीं थी!

हथुआ को नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिलने से परेशानी

साफ-सफाई,जल निकासी आदि समस्याओं से जूझ रहे हथुआवासी 

लंबे समय से उठ रही मांग,समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि हैं उदासीन

सुनील कुमार मिश्र,हथुआ? गोपालगंज। अनुमंडलीय मुख्यालय स्थित हथुआ शहर को नगर पंचायत का दर्जा नहीं मिलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पेय जल,जल निकासी,साफ सफाई,बिजली,स्ट्रीट लाइट आदि की समस्या से लोगों को निजात नहीं मिल पा रही है। हथुआ बाजार की स्थिति यह है कि हल्की बारिश होने से भी सड़कों पर गंदा पानी बहने लगता है। साथ ही सड़क के किनारे जल जमाव हो जाता है। जिससे मच्छड़ जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बरसात में तो स्थिति नारकीय वाली हो जाती है। शहर का हथुआ टैक्सी स्टैंड से लेकर आईटीआई मोड़ तक की सड़क गड्ढे में तब्दील हो गयी है। सड़कों पर जल जमाव से झील सा नजारा दिखाई दे रहा है। सड़कों पर जाम व अतिक्रमण की समस्या भी बढ़ रही है। नगर पंचायत के अभाव में सफाई कर्मियों का अभाव है। जिससे सभी चौक चौराहों पर गंदगी फैली रहती है। हथुआ नगर पंचायत होने के सभी मानक भी पूरा करता है।  हथुआ में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर की कई संस्थाए होने के बावजूद नगर पंचायत का दर्जा दिलाने को लेकर कोई ठोस पहल स्थानीय जन प्रतिनिधि द्वारा भी नहीं की गयी। अगर  हथुआ को नगर पंचायत का दर्जा मिल जाता तो इस कस्बाई शहर का विकास और बेहतर तरीके से होता। साथ ही सुविधाओं  का विस्तार भी होता। इससे यहां के ग्रामीणों,व्यवसायी व किसानों को बड़ा लाभ होता। समाजिक कार्यकर्ता प्रदीप देव कहते हैं कि हथुआ का विकास  तभी संभव होता,जब इसे नगर पंचायत का दर्जा मिलेगा।  इस मुद्दे को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को एकजुट कर आंदोलन चलाया जाएगा। ताकि हथुआ के लोगों को नारकीय स्थिति से निजात दिलाया जा सके। इस लड़ाई में समाजिक व समाज सेवी लोगों से भी सहयोग लिया जाएगा।

तीन पंचायतों से मिल कर बना हैं हथुआ शहर

अनुमंडल मुख्यालय का हथुआ शहर तीन पंचायतों से मिल कर बना है। अनुमंडल कार्यालय,प्रखंड मुख्यालय,थाना,सैनिक स्कूल,एसबीआई,बैंक ऑफ इंडिया,डा राजेन्द्र प्रसाद उच्च विद्यालय,शिव प्रताप उच्च विद्यालय,बापू मिडिल स्कूल,पंच मंदिर,जामा मस्जिद,गांधी आश्रम का क्षेत्र रतनचक पंचायत अंतर्गत आता है।  जबकि गोपेश्वर कॉलेज,हथुआ पैलेस,अनुमंडलीय अस्पताल,गोपाल मंदिर,आईटीआई,हथुआ टैक्सी स्टैंड का क्षेत्र मछागर जगदीश पंचायत अंतर्गत आता है। वहीं हथुआ सब्जी मंडी,पुरानी किला,पंच मंदिर रोड सहित हथुआ बाजार का दक्षिणी क्षेत्र हथुआ पंचायत अंतर्गत आते हैं।
तीन वर्ष पहले शुरू हुई थी पहल

हथुआ को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने की पहल तीन वर्ष पहले शुरू की गयी थी। जब पटना से आयी टीम ने आनन-फानन में सिर्फ हथुआ पंचायत के नक्सा संख्या 1008 को उठा कर 12 वार्डो में बांट दिया तथा नगर पंचायत के लिए सिर्फ इसी क्षेत्र को अनुशंसित कर दिया,जो पूरी तरह अव्यवहारिक था। दो अन्य पंचायतों के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र को छोड़ते हुए सिर्फ हथुआ पंचायत अंतर्गत आने वाले क्षेत्र को ही नगर पंचायत के लिए अनुशंसित कर दिया गया।  लेकिन बाद में जब सर्वे करने आयी टीम ने देखा कि इस 12 वार्ड में शहरी क्षेत्र के सभी हिस्से छूट गये हैं। जिसमें एक भी स्कूल या अन्य कोई सरकारी संस्थान नहीं हैं, तो टीम ने अनुशंसा को रद्द कर दिया। जिसके बाद से मामला अधर में लटक गया

हथुआ को नगर पंचायत का दर्जा मिलना चाहिए। यह सभी मानकों को पूरा करता है। दर्जा नहीं मिलने से विकास बाधित है। हथुआ को नगर पंचायत बनाने की मांग को जिले के अधिकारियों सहित नगर विकास मंत्री को भी मांग पत्र सौंपने की तैयारी की जा रही है। इस मुद्दे को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।

प्रदीप देव, सामाजिक कार्यकर्ता सह अध्यक्ष,तपस्या फाउंडेशन






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