शराबबंदी का पियक्कड़ों पर असर :कोई खाने लगा साबुन तो कोई हुआ बेहोश
मोतिहारी के कुंडवा में भी पचास साल के रघुनंदन बेसरा पर शराबबंदी भारी पड़ रही है। चैनपुर निवासी रघुनंदन पिछले दो दिनों से देशी शराब के लिए बेचैन था। मंगलवार को शराब की बेचैनी इस कदर बढ़ी कि वह बेहोश हो गया। उसे ढाका रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां के चिकित्सकों ने उसे मोतिहारी सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।
सीवान में भी शराबबंदी के बाद शराबियों की हालत बिगड़ने लगी है। शराब नहीं मिलने से उनकी तबीयत बिगड़ रही है और उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया जा रहा है। मंगलवार को यहां के नशामुक्ति केन्द्र में नए 9 मरीजों का इलाज किया गया।
इस तरह अभी तक 54 मरीजों का इलाज कराया गया। इनमें से 9 को नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती किया गया। इनमें भी दो की हालत सोमवार की रात ज्यादा बिगड़ गई। नशामुक्ति केन्द्र के डॉक्टरों ने उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया, जबकि सात मरीजों का इलाज अभी चल रहा है।
इधर मुजफ्फरपुर के आर्मी कैंटीन में भी मंगलवार को शराब नहीं मिली। शराब के लिए बड़ी संख्या में रिटायर फौजी कैंटीन पहुंचे थे। जैसे ही उन्हें पता चला कि यहां शराब नहीं मिल रही है वे हंगामा करने लगे। किसी तरह उन्हें समझाया गया। from livehindustan.com
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