बिहार में अब न देसी मिलेगी न अंग्रेजी, जानिए शराबबंदी की कुछ और महत्पूर्ण बातें

nitish_kumar bihar cm announcingबिहार कथा.पटना। बिहार की नितीश सरकार ने राज्य में तत्काल प्रभाव से पूर्ण शराबबंदी लागू कर दी है। अब राज्य में देसी के साथ-साथ विदेशी शराब भी उपलब्ध नहीं होगी। बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया। यह नीतीश कुमार का चुनावी वादा था। सरकार के इस फैसले के साथ ही बिहार उन राज्यों की सूची (गुजरात, केरल) में शामिल हो गया है जहां शराब बंदी लागू है। ज्ञात हो कि एक अप्रैल से बिहार के देसी दारू पर प्रतिबंध लग गया था।
कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, आज पूरे राज्य में शराब के थोक एवं खुदरा व्यापार अथवा उपभोग को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया गया। फैसले के मुताबिक इस बारे में मंगलवार को ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश के मुताबिक बीते दिनों में शराबबंदी के लिए जो माहौल बना, उसे देखते हुए राज्य में पूर्ण शराबबंदी का फैसला लिया गया। महत्वपर्ू्ण है कि बिहार में एक अप्रैल से शराबबंदी का पहला चरण शुरु हुआ था। इसके तहत गांवों में पूर्ण शराबबंदी, यानी देसी और विदेशी शराब दोनों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। जबकि शहरी क्षेत्रों के चुनिंदा इलाकों की सरकारी दुकानों में सिर्फ विदेशी शराब बेची जा रही थी। लेकिन बिहार मंत्रिमंडल के फैसले के मुताबिक सरकार शराब बेचने के लिए अब कोई दुकान नहीं खोलेगी। जो दुकानें खोली गई हैं, वो भी आज ही बंद कर दिए जाएंगी। बिहार सरकार ने यह भी कहा है कि सूबे में सेना के कंटोनमेंट को छोड़कर अब होटल, बार, रेस्टोरेंट जैसी जगहों पर भी शराब नहीं मिलेगी। इस संबंध में अब कोई लाइसेंस भी जारी नहीं किए जाएंगे।

नहीं दिया जाएगा बेचने का लाइसेंस…
 – राज्य में पिछले चार दिन से देसी शराब पर बैन था। लेकिन शहरों में सरकारी दुकानों पर विदेशी शराब बेची जा रही थी।
– नीतीश ने कहा- “अब शहरों में चल रही विदेशी शराब की सरकारी दुकानों को भी बंद कर दिया जाएगा।”
– “आज और अभी से बिहार में कहीं भी शराब की बिक्री नहीं होगी।”
– “किसी भी होटल, रेस्टोरेंट और क्लब को शराब बेचने का लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।”
– “सेना की कैंटीन में मिलने वाली शराब पहले की तरह मिलती रहेगी।”
 कितना मिला था रेवेन्यू?
 – बिहार गवर्नमेंट को 2015-16 में भारत में बनी विदेशी शराब की सेल से करीब 2000 करोड़ और देसी शराब की सेल से करीब 4000 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला था।
– शराब पर पूरी तरह बैन लगाने वाला बिहार देश का चौथा स्टेट बन गया है।
– इससे पहले गुजरात, नगालैंड और मिजोरम में शराब पर पूरी तरह से बैन लग चुका है।
 सीएम ने कहा- शराबबंदी पर लोगों का जबरदस्त सपोर्ट मिलाsharab bandhi in bihar
 – नीतीश ने कहा कि फर्स्ट फेज में देसी शराब पर लगी रोक को जबरदस्त सपोर्ट मिला है।
– “चार दिन में ही शराबबंदी को लेकर ऐसा माहौल बन गया कि हमने सेकंड फेज में विदेशी शराब पर भी रोक लगाने का फैसला किया है।”
– “महिलाएं इसके सपोर्ट में बड़ी संख्या में सामने आई हैं।”
– “जिन जगहों पर वीबरेजेज कॉरपोरेशन की ओर से शराब की दुकानें खोली जा रही थीं, उसका भी विरोध हुआ है।”
– “शराबबंदी को लेकर अवेयरनेस कैम्पेन के सपोर्ट में माहौल बना है।”
– “महिलाएं, बच्चे और यूथ इसके खिलाफ उठ खड़े हुए हैं। इससे सोसाइटी में बदलाव आएगा।”
– “स्कूली बच्चों को भी अपने पेरेंट्स से शपथपत्र पर साइन कराने को कहा गया था।”
– “इसमें लिखा गया था कि वह शराब नहीं पिएंगे और दूसरों को भी शराब नहीं पीने के लिए कहेंगे।”
– “शराब का कारोबार करने और पीने वाले 4933 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।”
 पब्लिक प्लेसेस पर नहीं बिकेगी ताड़ी
 – नीतीश ने कहा कि पब्लिक प्लेसेस पर ताड़ी बेचने पर 1991 में ही रोक लगी थी।
– “हम इस रोक को असरदार तरीके से लागू करने जा रहे हैं।”
– “ताड़ी की दुकानें हाट बाजार, हाट-बाजार के एंट्री प्वाइंट्स, फैक्ट्री, पेट्रोल पंप, मजदूर बस्ती और शहरी आबादी से 50 मीटर के दायरे में नहीं खुलेगी।”
– “गांव में भी ताड़ी की दुकान पब्लिक प्लेस और गांव से 100 मीटर के दायरे में नहीं खुलेगी।”
– “एनएच, एसएच या किसी अन्य सड़क के किनारे भी ताड़ी की दुकान नहीं लगाई जा सकती।”





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