Friday, November 27th, 2015

 

शराबबंदी के 'साइड इफेक्ट्स'

राजेश कालरा  बिहार सरकार ने फैसला किया है कि अगले साल अप्रैल से राज्य पूरी तरह से शराब मुक्त होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना चुनावी वादा पूरा करते हुए फैसला किया कि राज्य सरकार चार हजार करोड़ के राजस्व का नुकसान सह लेगी, लेकिन अपने पतियों के शराब में सारी कमाई बर्बाद करने से दर्द में जीने वाली महिलाओं को इस पीड़ा से मुक्ति दिलाएगी। ज्यादा शराब पीने से समाज में दूसरी सामाजिक बुराइयां भी पनप रही थीं। जो शराब को हाथ तक नहीं लगाता हो और जिसने अक्सर चारRead More


सच्ची शराबबंदी लागू कर दें, तो हम भी करेंगे नीतीश की जय-जय

अभिरंजन कुमार अगर नीतीश कुमार सचमुच बिहार में प्रभावशाली तरीके से शराबबंदी लागू कर पाए, तो उनसे मेरी आधी शिकायतें दूर हो जाएंगी। शराब बहुत सारी बुराइयों की जड़ है। इसकी वजह से महिलाओं का जीवन नरक बन जाता है, बच्चों पर बुरा असर पड़ता है, लोग बड़ी संख्या में गंभीर बीमारियों के शिकार होते हैं, बड़े पैमाने पर दुर्घटनाएं होती हैं, कानून-व्यवस्था के हालात बिगड़ते हैं, भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है और देश की कार्यशक्ति और अर्थव्यवस्था पर प्रत्यक्ष और परोक्ष चोटें पड़ती हैं। कारगर शराबबंदी के लिए नीतीशRead More


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