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अब नीतीश की जमीन पर सीता ‘स्वयंवर’ करेगी भाजपा

बिहार के पहले अतिपिछड़ा राज्यपाल होंगे फागु चौहान ——–  वीरेंद्र यादव  ————— भाजपा ने बिहार विधान सभा चुनाव में जातीय वोटों की गोलबंदी को लेकर अभियान शुरू कर दिया है। उसका पहला मकसद नीतीश कुमार के अतिपिछड़ा वोटों के आधार में सेंधमारी करना है। भाजपा लालू यादव के आधार वोट में सेंधमारी की शुरुआत पहले ही कर चुकी है। अब नीतीश की जमीन पर भाजपा अपना भगवा फहराना चाहती है, ताकि अगले विधान सभा चुनाव तक भाजपा अकेले दम पर चुनाव लड़ सके। इसी मकसद से भाजपा ने उत्तर प्रदेशRead More


मुजफ्फरपुर: बच्चे नहीं मर रही हैं संवेदनाएं

जयशंकर गुप्त बिहार में नीतीश कुमार-सुशील मोदी यानी जनता दल (यू) और भाजपा के’सुशासन’ को लेकर कोई संदेह नहीं है. आए दिन हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाएं स्वतः गवाही देती हैं. भूख, प्यास और कुपोषण से दम तोड़ते बच्चे, गर्मी और लू के थपेड़ों की मार से मरते और इससे बचने के नाम पर धारा144 को झेलते लोग लगातार बिहार में ‘सुशासन’की गवाही दे रहे हैं. लेकिन उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर में महामारी का रूप धारण कर अबोध बच्चों को लील रहे चमकी या कहें दिमागी बुखार को लेकरRead More


ईश्वर से बढ़कर है संविधान बुधनमा

– नवल किशोर कुमार इस बार लोकसभा को देखके मन हरियर हो गया नवल भाई। एकदम बदला-बदला है इस बार का संसद। आप देखे कि नहीं। क्या देखना था यार बुधनमा। अच्छा यह बताओ कि आप इतने खुश क्यों हो रहे हो। मुझे तो अफसोस हुआ। क्या बात करते हैं नवल भाई। देखे नहीं कि जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद के रूप में शपथ लेने के लिए बढ़े, पूरा सदन मोदी-मोदी और जय श्री राम के नारे से गूंज रहा था। मेरा तो मन एकदम एक्साइटेड हो गया। लगाRead More


आजतक की अंजना ओम कश्यप की इस बेशर्मी पर कौन बात करेगा ?

Vineet Kumar आजतक की अंजना ओम कश्यप की इस बेशर्मी पर कौन बात करेगा ? आजतक की स्टार एंकर अपनी इस रिपोर्टिंग में साफ-साफ कह रही है कि वो अस्पताल की आईसीयू में है. इतनी साफ कि आपको और हमें समझने में कोई चूक न हो. वो रिपोर्टिंग के नाम पर लगभग चीखने के अंदाज में बोलती जी रही हैं. उन्हें विजय चौक और एक अस्पताल की आईसीयू में कोई फर्क समझ नहीं आ रहा. विजुअल्स में बच्चे जैसे-तैसे हैं. परिजन भी अस्त-व्यस्त हैं. न तो इनकी निजता का कोईRead More


इ मुलूक बदल रहा है बुधनमा

– नवल किशोर कुमार बदलाव जरूरी है। बदलाव न होते तो न तो धरती होती और न जीवन। जानते हो बुधनमा डार्विन एकदम ठीक बोले थे। सबकुछ बदलाव के कारण ही संभव होता है। फिर चाहे वह एकोशिकीय जीव अमीबा हो या फिर आजकल के हम इंसान। बदलाव जरूरी है भाई। एगो बात बताइए नवल भाई। आप सुबह-सुबह काहे हमको इतना ज्ञान देते हैं। क्या हो जाएगा जो हम एतना सबकुछ जान भी जाएं। हमको तो रोजी-रोटी से मतलब है। हां बुधनमा, जानता हूं कि तुम्हें रोजी-रोटी से मतलब हैRead More


बिहार में कांग्रेस का ऐसा हाल कि किस्तों में हो रही हार की समीक्षा

जितने बडे नेता, उतनी बड़ी हार, कांग्रेस समझ नहीं पा रही कि कहां से शुरू करें समीक्षा पटना. बिहार प्रदेश कांग्रेस लोकसभा चुनाव में अपनी पराजय की समीक्षा करने जा रही है। लेकिन, उसे ठीक ठीक पता नहीं चल रहा है कि किस नजरिये से हार की समीक्षा हो। क्योंकि बड़े नेताओं के विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की बुरी हार हुई है। पार्टी ने दो विधायकों को उम्मीदवार बनाया था। एक जीत गए और दूसरे इस कदर हारे कि अब चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा सकेंगे। हारने वाले कांग्रेसRead More


दो नाबालिग बहनों को पहले खाट से बांधा, फिर दे दी दर्दनाक मौत

पटना. पटना के बाढ़ में डबल मर्डर की ऐसी घटना हुई, जिसे जान कर आप कांप जाएंगे। अपराधियों ने घर में घुसकर दो नाबालिग बहनों की हत्या कर दी। दोनों की लाशें खटिया से बंधी मिलीं। घटना के समय दोनों बहनें घर में अकेली थीं। माना जा रहा है कि दोनों बहनों को हत्या से पहले खाट से बांध दिया गया होगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ढेलवा गोसाई के लालगंज मोहल्ले में पेशे से दर्जी मो. मुख्तार अंसारी का घर है। उनकी पांच संतानें हैं। ईंद में उनकी पत्नी अपनेRead More


बुधनमा, क्रिकेट ग्राउंड पर बल्ला नहीं, बंदूक चलाओ

– नवल किशोर कुमार खेल खेल होता है और खेल में खेला जाता है न कि कुछ और। है कि नहीं? लेकिन इ बात बुधनमा को कहां बुझाता है। कबड्डी में हारता है तो माय-बहिन करे लगता है और शतरंज में एक बार हारने के बाद तो बुधनमा को तब तक चैन नहीं मिलता है जबतक कि वह दूसरे को हरा न दे। मत पूछिए कि बुधनमा खेल को लेकर कितना पैसनेट रहता है। एक बार बुधनमा लुडो खेल रहा था। मेहरारू के जोरे। खेल तो खेला ही होता है।Read More


बुधनमा अब दलित नहीं रहा

– नवल किशोर कुमार परिवर्तन संसार का नियम है। इसे सभी स्वीकारते हैं। चाहे वे किसी भी वाद के झंडा ढोने वाले क्यों न हों। लोकतंत्र भी इसी विश्वास पर आधारित है कि सत्ता का हस्तांतरण क्रमवार होते रहने से गतिशीलता भी बनी रहेगी और प्रतिनिधित्व के सवाल भी हल होते रहेंगे। भारतीय समाज में पहले ऐसा नहीं होता था। उच्च जातियों के लोगों की सत्ता बनी रहती थी। आज भी है लेकिन इसका स्वरूप बदला है। बुधनमा भी बदल गया है। हालांकि आज उसकी जाति दलित है, लेकिन वहRead More


गोपालगंज में इंसानियत शर्मसार: जवान लडकी को घर से खींच निर्वस्‍त्र किया, सरेआम सड़क पर घुमाया

गोपालगंज.बिहार के गोपालगंज में इंसानियत तब शर्मसार हो गई, जब दबंगों ने एक युवती को घर से खींचकर सरेआम निर्वस्‍त्र कर सड़क पर घुमाया। इस दौरान सैकड़ों लाेग तमाशा देखते रहे। युवती की चीखें सुनकर जब गांव की कुछ महिलाएं उसे बचाने आईं तो दबंग उसके कपड़े लेकर भाग गए। घटना को लेकर युवती ने तीन लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है, लेकिन पुलिस उन्‍हें गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मिली जानकारी के अनुसार युवती अपने घर पर अकेली थी। तभी गांव के प्रकाश सहनी, ओमप्रकाश सहनी तथा राजनRead More


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