अभय कुमार देश में लगभग एक पखवाड़े से जारी किसान आंदोलन भारत के सशक्त लोकतंत्र का बेहतरीन और विपक्ष की ओछी राजनीति का ताज़ा उदाहरण है. क्योंकि आंदोलन केRead More
डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ भाषा और भारत के प्रतिनिधित्व के सिद्धांत में हिन्दी के योगदान को सदा से सम्मिलित किया जा रहा है और आगे भी किया जाएगा, किन्तु वर्तमान समय उस योगदान कोRead More
सलिल सरोज “भारत जैसे देश में, जो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी आबादी का दावा करता है, वहाँ खिलाने के लिए अनगिनत मुंह हैं। इसलिए आदर्श रूप में, देश केRead More
भारतीय इतिहास का काला दिन ( 05-11-1556) वह आज ही की दिन था. बिहार के किसी फेरी वाले बनिये (वक्काल) का विश्वगुरु भारतवर्ष का सार्वभौम सम्राट के रूप में राज्याभिषेकRead More
आशीष कुमार ‘अंशु’, निदेशक, मीडिया स्कैन एक माइक, एक मोबाइल, एक फेसबुक प्रोफाइल लेकर बिहार में इस बार युवाओं की फौज उतरी है। यह नजारा बिहार के गांव की गलियोंRead More
बिहार पहुंचकर नरभसा गया कोरोना व्यंग्य : – टीकाराम साहू ‘आजाद’ अच्छे-अच्छे नरभसा (नर्वस) जाते हैं बिहार में। एक बार शरद जोशी बिहार पहुंचने पर नरभसा गए थे, और अबRead More
#ये_धक्का_इतिहास_रचेगा वाह्ह क्या खूब👉तालियां बजाईयें इनके सम्मान में। सही कहते है ये लोग कांग्रेस ने 70 साल में कुछ नही किया। इससे पहले जब किसी सरकार के शासन में कोईRead More
डा. श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट भले ही कुछ लोग अंग्रेजी को दुनिया का पासपोर्ट बताते हो और भारत में अंग्रेजी की खुलकर पैरवी करते हो। लेकिन सच यही है कि हिन्दीRead More
उर्मिलेश नहीं रहे रघुवंश भाई! जनता दल और फिर राष्ट्रीय जनता दल में जिन कुछ नेताओं से मुझे बातचीत करने या मिलने-जुलने का मन करता था, रघुवंश भाई, उनमें प्रमुखRead More
आज़ादी के दिन यहां थे गांधी पुुष्यमित्र इस पोस्ट के साथ जो एक तस्वीर लगी है, वह कलकत्ता शहर के बेलियाघाट मुहल्ले की एक पुरानी कोठी है, जिसका नाम हैदरीRead More