स्मृति शेष अब्दुल गफ़ूर बतौर मुख्यमंत्री 2 वर्षों तक रहे. वह 2 जुलाई 1973 से 11 अप्रैल 1975 तक बिहार के सीएम रहे। 1975 में तत्कालीन प्राधानमंत्री इंदिरा गांधी नेRead More
अरुण कुमार त्रिपाठी इक्कीसवीं सदी में भारत भीड़ में बदल रहा है। उसकी नागरिकता अगर राष्ट्रीय स्तर पर बहुसंख्यक धर्म, सेना के प्रति समर्पण, काल्पनिक कथाओं व अफवाहों को सत्यRead More
Dhruv Gupt देश में मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है। शुरुआत की थोड़ी-सी बारिश के साथ मीडिया में कई शहरों और गांवों में पानी से आई आफत की ख़बरेंRead More
डॉ. वेदप्रताप वैदिक आजादी के 70 साल बाद भी हमारा देश अंग्रेजी का गुलाम है। किसी भी शक्तिशाली और संपन्न राष्ट्र के अदालतें विदेशी भाषा में काम नहीं करतीं लेकिनRead More
Dhruv Gupt उत्तर प्रदेश के बलिया में छुट्टियों से लौट रही एक सत्रह साल की छात्रा की बलात्कार के बाद हत्या की त्रासद खबर अभी ठंढी भी नहीं पड़ी थीRead More
Jai Shankar Gupt इस 25-26 जून को आपातकाल की 43वीं बरसी मनाई जा रही है. इस साल भी पिछले 42 वर्षों की तरह आपातकाल के काले दिनों को याद करनेRead More
संजय तिवारी. नई दिल्ली. इंटरनेट पर जबसे सोशल मीडिया का जोर बढ़ा है तब से एक शब्द बहुत चलन में आ गया है। ट्रोल। अखबार और टीवी मीडिया इंटरनेट परRead More
Sanjay Shriwastava राजनीति चमकाने और पैसा बनाने में योग का अतिरेकी इस्तेमाल इसके मूल सत्य को भुला और गरिमा को गिरा देगा ऐसा नहीं है कि सर्वग्राही योग पर किसीRead More
बिहार के एक आईपीएस की भावुक कर देने वाली सच्ची घटना ध्रुव गुप्त बात तीस साल पहले की है जब मैं बिहार के एक अपराधग्रस्त जिले पश्चिमी चंपारण में पदस्थापितRead More
पीयूष बबेले कश्मीर में हमने स्वाभिमान के साथ पत्रकारिता की है और हम जमीनी हकीकत को प्रमुखता से छापना जारी रखेंगे.’ अपनी हत्या से एक दिन पहले 13 जून कोRead More