तुरंता प्रेम उर्फ लव @2020 संजय श्रीवास्तव जो लोग देवि, प्राणेश्वरी, प्रियतमे, प्रिये, जान, जानू, प्यारी स्वीटू से बेबी, शोना, छोना और बाबू तक पर नजर रखते हैं वे जानतेRead More
भोजपुरी भाषा आ कंफ्युजन नबीन चंद्रकला कुमार सामान्य रुप से इ बहुत आसान ह कहल कि मय भाषा के जन्म संस्कृत से भइल बा । असल में एह में हमनीRead More
31 जनवरी : बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रकाशित `मूकनायक` पत्र की 100वीं साल गिरह पर इसका, उसका, किसका मीडिया संजय स्वदेश ( sanjayswadesh.blogspot.com/2020/01/blog-post.html से साभार ) बाबा साहबRead More
घरेलू महिलाओं के श्रम का आर्थिक मूल्यांकन ललित गर्ग इनदिनों दावोस में चल रहे वल्र्ड इकनॉमिक फोरम में ऑक्सफैम ने अपनी एक रिपोर्ट ‘टाइम टू केयर’ प्रस्तुत की है, जिसमेंRead More
देश आजाद हो चुका था अब चुनौती थी देश को अपने नियम अपने बनाए कानूनों पर चलाने की. इसके लिए 2 साल 11 महीने और 18 दिन डॉ भीमराव अंबेडकरRead More
वे महिलाएं जिन्होंने संविधान निर्माण में निभाई अहम भूमिका संविधान निर्माण के दौरान देशभर की विभिन्न अभियानों से जुड़ी महिलाओं को एकत्रित किया गया था और उनसे महिला अधिकारों सहितRead More
गणतांत्रिक देश बनने के बाद भारत अब तक लंबी यात्र तय कर चुका है। हालांकि जिस समय भारत का अपना संविधान लागू किया गया, उस समय जिस तरह के गणतंत्रRead More
युवा दिवस पर एक और कथा पुष्यमित्र छह साल पहले 2014 बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमिटी ने एक वेकेंसी निकाली थी, 13120 पदों की। इन पदों के लिये न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएटRead More
जिनके लिए नफ़रत और हिंसा रोजी-रोटी का मसअला है Vineet Kumar के फेसबुक टाइमललाइन से साभार अभी जो जेएनयू के नाम पर अपनी टाइमलाइन पर लगातार जहर फैलाने का कामRead More
रुचिर गर्ग बहुत क्षोभ होता है जब यह देखने को मिलता है कि कोई राजनीतिक दल अपने एजेंडा के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए संगठित तरीके से सोशल मीडियाRead More