बिहार में 83 प्रतिशत मास्टर ठेके पर
सिर्फ 19 प्रतिशत स्कूलों में शौचालय
पटना। एक अध्ययन के मुताबिक पता चला है कि बिहार में केवल 19 प्रतिशत प्राइमरी स्कूलों में ही शौचालय हैं। 28 प्राथमिक स्कूलों पर हुए इस अध्ययन में सामने आया है कि केवल 28 प्रतिशत हैंडपंप हैं, 83 प्रतिशत शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें अनुबंध पर रखा गया है।
अध्ययन में यह भी सामने आया है कि राज्य सरकार की कई पुस्तकों में व्याकरण की काफी गलतियां हैं। साउथ एशियन युनिवर्सिटी एवं आरएलएस, जर्मनी के समाजशास्त्र विभाग की इस स्टडी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मूलभूत खामियों को सामने ला दिया है।
हालांकि इससे पहले गरीबी पर एक राजनीतिक बयान में जेडी(यू) महासचिव केसी त्यागी और सांसद पवन वर्मा कह चुके हैं कि 2005 में राज्य में 54 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे थे, लेकिन वर्ष 2011-12 तक इसमें 20 प्रतिशत की कमी आई।
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