यह मुलायम की बेवकूफी नहीं,धोबीपछाड है
इसीलिए कई बार मुझे लगता है कि इस देश में जो राजनीतिक राष्ट्रवादी हैं उनकी बुद्धि घुटनों में होती है। आज उन्होंने फिर यही साबित किया है।
लोकसभा के आखिरी दिन राफेल पर सीएजी की रिपोर्ट सदन पटल पर रखी गयी जिसमें कीमतों को कांग्रेस शासन के मुकाबले सवा दो प्रतिशत सस्ता बताया गया। यह इतना बड़ा मुद्दा था कि पोलिटिकल नेशनलिस्ट इस मुद्दे को इतनी हवा देते कि कांग्रेसी कारकून चुप हो जाते।
लेकिन नहीं। वो मुलायम सिंह के एक बयान को लेकर उड़ गये कि वो चाहते हैं कि मोदी दूसई बाय प्रधानमंत्री बनें। यह कहकर सोनिया के बगल में बैठे मुलायम मोदी को दूसरी बार प्रधानमंत्री नहीं बना रहे थे, कांग्रेस को राफेल पर शर्मिंदगी से बचा रहे थे।
लेकिन वाह रे पोलिटकल नेशनलिस्ट। मुलायम के धोबीपछाड़ पर भी दहाड़े मार मार कर हंस रहा है।
(वरिष्ठ पत्रकार संजय तिवारी के फेसबुक टाइम लाइन से साभार )
« कृषि क्षेत्र में विकास दर शून्य, फिर बिहार में कैसा विकास (Previous News)
(Next News) जनता की अदालत में लोकतंत्र, वोटर बना राजा »
Related News
महाकुंभ में साकार है भारत
महाकुंभ में साकार है भारत। दिलीप मंडल महाकुंभ इतना विशाल है कि इसके अंदर कईRead More
बीजेपी क्या है ? क्या है बीजेपी ?
बीजेपी क्या है ? क्या है बीजेपी ? दिलीप मंडल – बीजेपी ओबीसी को समुचितRead More

Comments are Closed