बोधगया में बुद्ध को चढ़ाया गया थाई नोट
गया biharkatha.com : देशभर में 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को बदलने और 500 और 2000 के नये नोटों को बदलने की प्रक्रिया के कारण उपजी नकदी का खामियाजा न केवल आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है, बल्कि दूसरे देश से आये विदेशी पर्यटकों पर भी इसका खास असर पड़ रहा है. यहां तक कि धार्मिक आस्था लेकर विदेश से आये पर्यटक भारतीय मुद्रा में नकदी की कमी के कारण स्वदेशी मुद्रा की करेंसी को ही दानस्वरूप अपने इष्टदेव को चढ़ा रहे हैं. ऐसा ही एक वाकया बिहार के बोधगया में देखने को मिला. यहां थाईलैंड से आये श्रद्धालुओं ने भारतीय नोटों में नकदी की कमी के कारण थाई करेंसी के नोटों का गुच्छा बनाकर भगवान बुद्ध के आगे अर्पित कर दिया. आमतौर पर बोधगया में बौद्ध धर्म के विदेशी श्रद्धालुओं द्वारा नोटों का गुच्छा बनाकर भगवान बुद्ध की पूजा करने की परंपरा है. इस बार विडंबना यह है कि विदेशी श्रद्धालुओं को भारतीय नोटों की कमी से उपजी समस्या से रूबरू होना पड़ रहा है. इसी का परिणाम है कि वे अपने देश की मुद्रा का गुच्छा बनाकर भगवान बुद्ध की पूजा कर रहे हैं. मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक, सोमवार सुबह बोधगया के महाबोधि मंदिर में थाईलैंड से आये बौद्ध श्रद्धालु थाई नोटों का गुच्छा बनाकर पूजा करने पहुंचे. पहले ये सभी 10 और सौ के नोट का गुलस्ता बनाकर पूजा करने आते थे. इस बार उन्हें भारतीय मुद्रा के नोटों का नहीं मिलने के कारण स्वदेशी नोटों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. बाजार और बैंकों से उन्हें थाई मुद्रा के बदले भारतीय मुद्रा के नोट नहीं मिल रहे हैं. थाईलैंड से विशेष पूजा के लिए समूह में करीब सौ लोग शहर में आये हुए हैं. यहां के स्थानीय निवासियों का कहना है कि आमतौर पर थाईलैंड से विशेष पूजा करने के लिए आने वाले श्रद्धालु नोटों से बना गुच्छा बोधिवृक्ष के नीचे छोड़कर चले जाते हैं.
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