जानिए कितन मुकदमें थे सतीश पांडे पर
हर अपराध में पीडित को डरा कर मैनेज कर ले गया पांडे परिवार, ईनामी मुकदमें वाले केस भी हो गए खारिज.. जानिए कितन मुकदमें थे सतीश पांडे पर
बिहार कथा न्यूज नेटवर्क. पटना. सतीश पांडे एक अपराधिक सरगना के रूप में दो दशकों से बिहार और यूपी पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे, उनके अधिकतर केस कोर्ट में कमजोर होते गए। जिन पर बिहार सरकार ने इनाम रखे थे, उनके खिलाफ खारिज होते केसों के खिलाफ अपर कोर्ट में अपील भी नहीं हुई। पीड़ितों ने समझौता करना ही बेहतर समझा। सरेंडर के समय केएस अनुपम ने बताया था कि तब के लिए उपलब्ध आंकड़ों के हिसाब से सतीश पांडे के खिलाफ 51 मामले दर्ज है। लेकिन अबतक जो आंकड़े सामने आए हैं उसके अनुसार सतीश पांडेय पर पुरखास व राजापुर नरसंहार के अलावा कोईरीगांवां कांड, चाड़ी में ठेकेदार सहित चार लोगों की हत्या, मीरगंज में दिनदहाड़े शहर के बीचोंबीच दरोगा की हत्या सहित कई संगीन मामले लंबित हैं। बाकौल एसपी सतीश पांडेय उर्फ पहलवान पर पटना के शास्त्रीनगर थाने में तत्कालीन मंत्री बृजबिहारी प्रसाद की हत्या को लेकर 336/98 कांड अंकित है। इसके अलावा मीरगंज थाने में 75/85 (लूट) के अलावा मीरगंज थाना कांड संख्या 74/89 (हत्या), 74/89 (हत्या), 125/89 (अपराध की योजना बनाना), 126/89 (आ?र्म्स एक्ट), 299/93 (हत्या), 206/95 (रंगदारी), 206/96 (हत्या), 301/96 (हत्या का प्रयास), 144/97 (हत्या का प्रयास), 138/97 (हत्या का प्रयास), 96/99 (हत्या), 197/99 (अपराधी संरक्षण), 125/89 (हत्या का प्रयास), 238/87 (डकैती), 46/89 (डकैती), 52/92 (हत्या का प्रयास), 189/92 (रंगदारी), 129/94 (हत्या का प्रयास), 266/96 (अपहरण), 298/97 (रंगदारी), 169/99 (अपराधी संरक्षण), 90/97 (हत्या), 59/2000 (हत्या), 142/2000 (हत्या), 187/99 (हत्या), 89/01 (हत्या का प्रयास), भोरे थाना कांड संख्या 24/98 (डकैती), 69/2000 (हत्या का प्रयास), कटेया थाना कांड संख्या 97/97 (हत्या), 72/05 (अपराधी संरक्षण), गोपालगंज 326/95 (अपहरण), 271/2000 (हत्या), 339/03 (डकैती), 337/93 (रंगदारी), 229/95 (अपहरण), 18/10 (हत्या), गोपालपुर थाना कांड संख्या 22/05 (नरसंहार), 23/05 (नरसंहार), 64/05 (नरसंहार), भोरे 69/2000 (हत्या का प्रयास), विश्वंभरपुर 99/05 (हत्या) तथा कुचायकोट थाना कांड संख्या 7/97 (हत्या) का मामला शामिल है। इसके अलावा सतीश पांडेय पर सिवान जिले के मुफस्सिल थाना कांड संख्या 111/97 (हत्या), 95/97 (अपहरण), नगर थाना कांड संख्या 4/98 (हत्या), 47/86 (हत्या), नौतन थाना कांड संख्या 7/2000 (हत्या का प्रयास), 68/2000 (हत्या), 5/01 (हत्या), रघुनाथपुर 11/2000 (हत्या का प्रयास), आंदर थाना कांड संख्या 18/2000 (हत्या) के मामले भी लंबित हैं। के एस अनुपमन ने दावा किया कि इसके अलावा भी इस सरगना पर कई मामले उत्तरप्रदेश में भी लंबित हैं। जिसके बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। लेकिन पांच साल में बहुत कुछ मैनेज हो गया। सतीश पांडे के परिवार के लोग कहते हैं कि न्याय मिला है। जो पीड़ित है, अब वे कहते हैं कि न्याय तो ईश्वर करेंगे। कई चीजें नियति भी तय करती है। फिलहाल जिले में ढेरों ऐसे लोग हैं, जो बाबा से हमदर्दी तो दिखा रहे हैं, लेकिन गार्ड से अपराधियों के गाडफादर वाले बाहुबली के अब समाज के मुख्यधारा से जुड़ने की बात का असली मकसद टटोल रहे हैं। फिलहाल आगे पंचायत चुनाव है।
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