मतदाता सूची की जांच तीन लाख वोटर मिले नकली

पटना। इस वर्ष के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर निर्वाचन आयोग द्वारा गत एक जनवरी से मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बिहार में मतदाताओं की संख्या में 70 हजार की कमी आयी है। बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या 6.57 करोड़ है जिनमें से 3.51 करोड पुरुष मतदाता और 3.06 करोड़ महिला मतदाता हैं।
बिहार के सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में गत एक जनवरी की अर्हता तिथि के आधार पर फोटो युक्त मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अजय नायक ने बताया कि गत एक जनवरी से मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं का देहांत हो गया या अपना निवास स्थान बदलने के साथ करीब 3.4 लाख मतदाता नकली पाए गए जिनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है तथा 2.7 लाख नए मतदाता शामिल हुए हैं। इस प्रकार प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में 70 हजार की कमी आयी है। उन्होंने कहा कि पटना जिला में जहां मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक 43.07 लाख, जबकि शिवहर में सबसे कम 2.67 मतदाता हैं।
नायक ने बताया कि प्रारूप निर्वाचन सूची के प्रकाशन की तिथि से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य प्रारंभ हो जायेगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन आगामी 31जुलाई को किया जायेगा। उन्होंने बताया कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के कार्यक्रम के अन्तर्गत राज्यस्तरीय दोहरी प्रविष्टियों की प्रति मतदाता केंद्र स्तरीय पदाधिकारी :बीएलओ: को आगामी 20 मई तक उपलब्ध करा दी जायेगी जिसका सत्यापन 20 मई से 6 जून तक की अवधि में किया जाएगा। नायक ने बताया कि दावा एवं आपत्ति दाखिल करने की अवधि 15 मई से 13 जून 2015 तक निर्धारित की गयी है। इस दौरान 24 मई और 7 जून को विशेष अभियान भी चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों की आयु गत जनवरी को 18 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है और जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं है वे अपना नाम जुड़वाने के लिए आज से से 13 जून 2015 तक की अवधि में फॉर्म-6 भरकर अपना आवेदन बीएलओ के माध्यम से अथवा सीधे निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के कार्यालय में, भारत निर्वाचन आयोग की वेबासाईट या मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बिहार के वेबसाईट पर भी आॅनलाइन दे सकते हैं। इस अवसर पर उप निर्वाचन आयुक्त उमेश सिन्हा ने कहा कि निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि बीएलओ घर-घर जाकर योग्य मतदाताओं का नाम निर्वाचन सूची में शामिल करें। बिहार के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी आर लक्ष्मणन ने बताया कि निर्वाचन सूची में अपना नाम है या नहीं लोग एसएमएस के जरिए और टोल फ्री नंबर के जरिए भी पता लगा सकते हैं।
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