सीबीआई ने कहा- लालू ने होटल लीज पर देकर 65 लाख में ले ली 32 करोड़ की जमीन, नीतीश ने बुलाई टॉप अफसरों की बैठक

लालू पर रेल मंत्री रहते धांधली का आरोप, 12 ठिकानों पर पड़ा छापा, पत्नी-बेटे पर भी केस
नीतीश ने बुलाई टॉप अफसरों की बैठक
नई दिल्ली/ पटना. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) रेलवे के पुरी और रांची स्थित दो होटलों के टेंडर में हुई अनियमितता मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के पटना स्थित आवास समेत देश के 12 ठिकानों पर छापे मार रही है। सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक राकेश अस्थाना ने आज यहां मीडियाकर्मियों को बताया कि श्री यादव के पटना स्थित आवास के अलावा रांची, दिल्ली, गुरुग्राम और भुवनेश्वर के 12 ठिकानों पर सुबह साढे सात बजे से छापे की कार्रवाई एक साथ शुरू की गयी, जो समाचार लिखे जाने तक जारी थी। उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी को 2017 में इस बारे में एक शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर प्रारम्भिक जांच की गयी और प्रथमदृष्ट्या गड़बड़ी मिलने के बाद गत पांच जुलाई को श्री यादव, उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी यदाव, पुत्र तेजस्वी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता, सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विजय एवं विनय कोचर, आईआरसीटीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पी के गोयल तथा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज किया था। श्री अस्थाना ने बताया कि यह मुकदमा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120 बी तथा भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13 और 13(1)(डी) के तहत दायर किया गया है।
श्री अस्थाना के अनुसार, रेल मंत्री के तौर पर श्री यादव के कार्यकाल में रांची और पुरी के बीएनआर होटल को देखरेख के लिए आईआरसीटीसी को सौंपा गया था, जिसे बाद में सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को औने-पौने दाम में सौंप दिया गया था। सुजाता होटल को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों को हलका कर दिया गया। इसके बदले में सुजाता होटल के मालिकों ने पटना के सगुना मोड़ में तीन एकड़ जमीन श्री यादव के करीबी रहे तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता की कंपनी डिलाइट्स मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड को कौड़ियों के भाव में दी थी। सीबीआई अधिकारी ने बताया कि डिलाइट्स मार्केटिंग को 10 प्लॉट वाली कुल तीन एकड़ जमीन केवल एक करोड़ 47 लाख रुपये में दी गयी थी, जबकि उसका सर्कल रेट 2009 में करीब दो करोड़ था और बाजार मूल्य करीब 20 करोड़ रुपये था। श्रीमती सरला गुप्ता की कंपनी ने 2010 से 2014 के बीच पूरी जमीन लारा प्रोजेक्ट्स लि. (लालू राबड़ी प्रोजेक्ट) को महज 65 लाख रुपये में हस्तांतरित कर दी थी। उस वक्त के सर्कल रेट के हिसाब से पूरी जमीन की कीमत करीब 32 करोड़ रुपये हो चुकी थी, जबकि इसका बाजार मूल्य 94 करोड़ रुपये था। उन्होंने बताया कि श्री यादव के पुत्र एवं बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी बाद में लारा प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन चुके थे, इसलिए उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।

सफाई में लालू ने कहा- रेलवे के होटलों को सुधारने के लिए खुली निविदा से आवंटन
रांची. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आज कहा कि रेलवे के होटलों को सुधारने के लिए खुली निविदा के तहत आईआरसीटीसी ने होटलों को आवंटित करने का काम किया । श्री यादव ने यहां संवादाताओं से बातचीत में कहा कि रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया और सीबीआई को वह हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह छापे से डरने वाले नहीं हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हटाकर ही दम लेंगे । राजद अध्यक्ष ने कहा कि वह भाजपा के गीदड़ भभकी से डरने वाले नहीं हैं और भाजपा को तोड़कर ही रहेंगे । उन्होंने कहा कि 27 अगस्त को भाजपा हटाओ देश बचाओ रैली का आयोजन पटना में किया गया है और इसी को लेकर उन्हें राजनीतिक विद्वेष के तहत परेशान किया जा रहा है । श्री यादव ने कहा कि जो लोग भाजपा के खिलाफ बोलते हैं उन्हें केन्द्रीय जांच ब्यूरो और आयकर विभाग द्वारा परेशान किया जाता है । उन्होंने कहा कि पटना स्थित राबड़ी देवी के आवास से सीबीआई को क्या-क्या मिला यह बतायें ।
विनय उमेश
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नीतीश ने बुलाई टॉप अफसरों की इमर्जेंसी मीटिंग
लालू प्रसाद यादव के खिलाफ होटल घोटाला मामले में केस दर्ज होने और शुक्रवार को सीबीआई की छापेमारी के बाद बिहार की राजनीति में सरगर्मियां काफी बढ़ गई हैं। छापे की खबर मिलने के बाद राज्य के सीएम नीतीश कुमार ने नालंदा के राजगीर में अफसरों की इमर्जेंसी मीटिंग बुलाई। सीएम ने चीफ सेक्रटरी अंजनी कुमार सिंह, प्रिंसिपल सेक्रटरी होम आमिर सुब्हानी और राज्य के डीजीपी पीके ठाकुर के साथ बैठक की। बिहार पुलिस हेडक्वॉटर्स की ओर से पूरे राज्य में किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन या हिंसा की आशंका के मद्देनजर तैयार रहने को कहा गया है।
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क्या है पूरा मामला
दरअसल रांची और पुरी के चाणक्य बीएनआर होटल जोकि रेलवे के हेरिटेज होटल थे. लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए इन होटलों को अपने करीबियों को लीज पर बेच डाला था. ये दोनों होटल अंग्रेजों के जमाने के थे इसीलिए इसका ऐतिहासिक महत्व था पर अब नहीं रहा क्योंकि इन होटल्स को पूरा रेनोवेटेड कर दिया गया है. प्रसाद एवं उनके परिवार के खिलाफ एक हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति का मामला रांची और पुरी से जुड़ा हुआ है. लालू प्रसाद जब रेल मंत्री थे तब रेल मंत्रालय ने रांची एवं पुरी के ऐतिहासिक होटल बीएनआर को लीज पर देने का निर्णय लिया. इस लीज के लिए रांची के कुछ होटल व्यवसाइयों के अलावा लालू प्रसाद के निकट के सहयोगी एवं झारखंड से राज्यसभा के सांसद प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी दोनों होटलों को लेने में सफल रहे और रांची के बीएनआर होटल को पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हर्ष कोचर को 60 साल के लिए लीज पर मिल गया. पहले तो लीज की अवधि 30 वर्ष रखी गयी, परन्तु बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर साठ साल कर दी गई. आरोप है कि इन दोनों होटलों को लीज पर देने की जितनी कीमत राज्य सरकार को मिलनी चाहिए वह नहीं मिली. वैसे इस मामले में लालू प्रसाद का कहना है कि रेलवे ने नियम के तहत इन होटलों को लीज पर दिया था और इससे उनका कोई लेना देना नहीं है.
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रेलवे के लिए धरोहर थे दोनों होटल
दरअसल, रेलवे के ये दोनों होटल धरोहर की तरह थे लेकिन, हर्ष कोचर ने जो लीज के लिए रेलवे की शर्तों को मानने की बात कही थी, जिनमें दोनों होटल के हेरिटेज को बरकरार रखने की बात भी शामिल थी. लेकिन इसके कुछ ही हेरिटेज हिस्से को ही बरकरार रखा गया है. रांची के बीएनआर होटल के ऐतिहासिक ढांचे को गिराकर आधुनिक होटल में तब्दील कर दिया गया है. जानकारों के मुताबिक, पुरी में बीएनआर होटल का अपना अलग महत्त्व था अब उसकी भी तस्वीर बदल गयी है. रांची का बीएनआर होटल एक बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है. इस होटल का निर्माण अंग्रेजों के शासनकाल में किया गया था. तब इस होटल के कमरे में अंग्रेज भी रहा करते थे. विनय कोचर और विजय कोचर इसमें डायरेक्टर है.
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‘हम झुकेंगे नहीं – आरजेडी
लालू के खिलाफ दर्ज हुए ताजा मामले को लेकर आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए सबसे काला दिन है। उन्होंने कहा, ‘हम झुकेंगे नहीं, हम इसके खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लडेंगे।’ उधर बीजेपी ने इसे कानूनी प्रक्रिया बताते हुए नीतीश पर फिर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने कहा, ‘कानून अपना काम कर रहा है। अब नीतीश मूक दर्शक बने नहीं रह सकते। अब उन्हें बोलना ही होगा और अपना स्टैंड साफ करना होगा।’
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