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कवि तानसेन !

Dhru Gupt संगीत सम्राट तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के कुछ शिखर पुरुषों में एक रहे हैं। ‘आईने अकबरी’ के लेखक इतिहासकार अबुल फज़ल ने उनके बारे में कहा था – ‘पिछले एक हज़ार सालों में उनके जैसा गायक नहीं हुआ।’ उनका सांगीतिक व्यक्तित्व इतना बड़ा था कि उसके पीछे उनके व्यक्तित्व के दूसरे तमाम पहलू ओझल हो गए। बहुत कम लोगों को पता है कि ग्वालियर के पास एक छोटे-से गांव बेहट के चरवाहे से सम्राट अकबर के दरबार के प्रमुख गायक के ओहदे तक पहुंचे तानसेन एक बेहतरीन कविRead More


ऊपरवाला किस फैक्ट्री में बनाता है ऐसे लोगों को?

पुष्य मित्र वे दोपहर दो बजे के करीब आये थे. हाथ में एक दर्जन पन्ने की प्रेस रिलीज थी. हालांकि मैं किसी बीट का रिपोर्टर नहीं हूं, मगर कई दफा लोग मुझे भी रिलीज देने पहुंच जाते हैं. चुकि यह मामला चंपारण से जुड़ा है, इसलिए भी उन्हें लगा कि इस मामले में मेरी रुचि होगी. उनकी धारणा थी कि मैं भी चंपारण का ही रहने वाला हूं. मगर मेरी रुचि उनमें बढ़ने लगी. पॉलिस्टर का पुराना मुड़ा हुआ कुरता और पुरानी सी पैंट पहने और कांख में एक छोटा साRead More


अब्दुल गफ़ूर : बिहार का एक ऐसा सीएम, जिसे दो ब्राह्मणों ने षड्यंत्र कर हटवा दिया था

स्मृति शेष  अब्दुल गफ़ूर बतौर मुख्यमंत्री 2 वर्षों तक रहे. वह 2 जुलाई 1973 से 11 अप्रैल 1975 तक बिहार के सीएम रहे। 1975 में तत्कालीन प्राधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनकी जगह जगन्नाथ मिश्रा को मुख्यमंत्री बनवा दिया. कहा जाता है कि गफूर के खिलाफ उनके ही दल में बड़ी साजिश की गयी जिसका उन्हें बखूबी एहसास था. केदार पाण्डे और जगन्नाथ मिश्र के बीच अब्दुल गफ़ुर पीस कर रह गए पर उन्होने हार नही माना. 1984 मे कांग्रेस के टिकट पर सिवान से जीत कर सांसद बने और वेRead More


पीरियड्स पर बात करना अब गन्दी बात नहीं” बिहार डायलॉग- टॉक ऑन पीरियड्स

बिहार डायलॉग,पटना.तीसरी-चौथी क्लास की एक बच्ची को स्कूल में पीरियड्स हो गया….वह घर आयी और चिल्लाने लगी “मम्मी मैंने कुछ नहीं किया” वह बच्ची रोती रही-रोती रही और जब सामने उसकी मम्मी आयी तो भी उसने रोते हुए कहा कि “मम्मी को कोई समझाओ प्लीज…मैंने कुछ नहीं किया.” मतलब जागरूकता के आभाव में वह बच्ची अचानक आये पीरियड्स से इस कदर डर जाती है जैसे उसने कोई बहुत बड़ा पाप कर दिया हो. पीरियड्स को लेकर ऐसे ही कुछ निजी अनुभव साझा हो रहे थें, उसपर डिबेट हो रहे थें,Read More


वो कागज़ की कश्ती वो बारिश का पानी !

Dhruv Gupt देश में मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है। शुरुआत की थोड़ी-सी बारिश के साथ मीडिया में कई शहरों और गांवों में पानी से आई आफत की ख़बरें तैरने लगी है। अपने बचपन के दिन याद करिए जब सावन-भादो की बारिश शुरू होती थी तो कई-कई दिनों तक रुकने का नाम नहीं लेती थी। सड़क और खेत सब पानी-पानी। खपड़ैल का घर टपकता था और रात अपनी खाट घर के इस कोने से उस कोने तक खिसकाने में बीत जाती थी। बारिश या बाढ़ का पानी घरों मेंRead More


चेन्नई में भीड़ ने बिहार के 2 मजदूरों को जमकर पीटा,हालत गंभीर

नई दिल्ली. ( लाइव हिन्दुस्तान से साभार )  देशभर में मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ती जा रही है। पहले त्रिपुर, फिर महाराष्ट्र और अब चेन्नई। चेन्नई शहर के तेयनामपेट इलाके में भीड़ ने बच्‍चा चोरी करने के संदेह में बिहार के दो मजदूरों को बुरी तरह से पीट दिया। शनिवार शाम को हुई इस घटना में दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों का इलाज स्‍टैनली मेडिकल कॉलेज में कराया जा रहा है। वहीं इस मामले में एक की गिरफ्तारी हुई है।  पुलिस की मानें तो दोनों मजदूरRead More


क्या बलात्कारियों को जीने का हक़ है ?

Dhruv Gupt उत्तर प्रदेश के बलिया में छुट्टियों से लौट रही एक सत्रह साल की छात्रा की बलात्कार के बाद हत्या की त्रासद खबर अभी ठंढी भी नहीं पड़ी थी कि मध्यप्रदेश के मंदसौर में आठ साल की एक नन्ही बच्ची के साथ बलात्कार और उसके साथ अमानुषिक सलूक की खबर देखकर हर संवेदनशील व्यक्ति भीतर तक हिल गया होगा। देश के कोने-कोने से जिस तरह नन्ही बच्चियों और किशोरियों के साथ बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और उनकी नृशंस हत्याओं की खबरें आ रही हैं, उससे पूरा देश सदमे में है।Read More


गोपालगंज में एक दलित की प्रताडना के बाद भी कंप्रोमाइज की कहानी अजात शत्रु की जुबानी

Ajat Shatru मैं और मेरे दो अजीज साथी गोपालगंज भीम आर्मी के संस्थापक सदस्य रंजय अम्बेडकर और मनोज रंजन पहुंचे इस दलित के घर जिनको कुछ सामंतियों ने मार मार कर लहू लुहान कर दिया था और उनके दोनों पैर तोड़ने का पूरा प्रयास किया था, कसूर बस इतना कि सामंतियों के खेत के किनारे डरेर को रास्ता समझकर जा रहे थे….. सामंतियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के लिए आवेदन लिखकर SC-ST थाने में गया तब दरोगा ने कहा कि जांच के बाद FIR दर्ज होगा, मैन दरोगा जीRead More


आपातकाल, स्मरण, संघर्ष और सबक

Jai Shankar Gupt इस 25-26 जून को आपातकाल की 43वीं बरसी मनाई जा रही है. इस साल भी पिछले 42 वर्षों की तरह आपातकाल के काले दिनों को याद करने की रस्म निभाने के साथ ही लोकतंत्र की रक्षा की कसमें खाई जा रही हैं। वाकई आपातकाल और उस अवधि में हुए दमन-उत्पीड़न और असहमति के स्वरों और शब्दों को दबाने के प्रयासों को न सिर्फ याद रखने बल्कि उनके प्रति चैकस रहने की भी जरूरत है ताकि देश और देशवासियों को दोबारा वैसे काले दिनों का सामना नहीं करनाRead More


खूबसूरत मासूम लडकी ने फेसबुक पर खोली हनुमान चालीसा का पोल!

हनुमान चालीसा का अठाहरवां श्र्लोक कुछ इस प्रकार है . . . “” युग सहस्र योजन पर भानू । लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥ “” Meaning: The Sun which was at a distance of Sixteen Thousand Miles, You Swallowed It (the Sun) thinking it to be a Sweet Fruit. श्र्लोक के एक एक शब्द के अर्थ इस प्रकार हैं . . . . . . . . . . (युग = दूर ) …………… (सह = सोलह(16))…………… (स्र = हज़ार )…………… (योजन = मील )………………… (भानू = सूरज )Read More


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