Pushya Mitra

 
 

कौन था सचिवालय गोली कांड का आठवां शहीद?

कौन था सचिवालय गोली कांड का आठवां शहीद? पुष्यमित्र आज अगस्त क्रांति दिवस है. 76 साल पहले आज ही भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी. पूरे देश की तरह बिहार भी इस आंदोलन में एक झटके में कूद पड़ा था और मजह दो दिन बाद 11 अगस्त को पटना सचिवालय में जो घटना घटी वह पूरे देश के लिए चकित कर देने वाली थी. सचिवालय पर झंडा फहराने की कोशिश में सात स्कूली छात्र एक-एक कर ब्रिटिश पुलिस की गोलियों का शिकार हो गये. अपने झंडे की शान केRead More


जिस डकैत के टॉर्च की रोशनी से लोग सहम जाते थे!, जानिए वह अपने बेटे की मौत पर कैसे रोया

Pushy Mitra कल पहली दफा अवधेश मंडल की तसवीर देखी. अपने बेटे की लाश के सामने रोते हुए. अब तक उसके बारे में सिर्फ किस्से ही सुनता था. कभी सोचा नहीं था कि जब पहली दफा देखूंगा तो सूरत कुछ ऐसी होगी. क्योंकि मेरे किशोरावस्था की स्मृतियों में अवधेश मंडल की छवि किसी दबंग और क्रूर डाकू के रूप में दर्ज है, जो घोड़े पर सवार होकर निकलता है और डकैतियां करता है. दर्जनों खून का इल्जाम उसके सर है. कोसी अंचल के लोग उसके नाम के खौफ से भलीRead More


जब जोधाबाई के कहने पर अकबर ने दरभंगा में लगाया था आम का बगीचा

पुष्य मित्र  आम का सीजन उफान पर है. इस साल भरपूर आम बाजार में उपलब्ध है, कीमत भी कम है, लिहाजा पूरा हिंदुस्तान खुलकर आम के रस में सराबोर हो रहा है. वह फलों का राजा आम जो दुनिया भर में भारत के फल के तौर पर जाना जाता है, क्या आप जानते हैं कि बिहार के दरभंगा शहर को कैपिटल ऑफ मैंगो कहा जाता रहा है. तो आइये आम के इस मौसम में मिथिला के इलाके में शहंशाह अकबर के बगीचों की कहानी जानते हैं. वैसे तो भारत में आमRead More


शॉकर कितना मजबूत है आपके जीवन की गाड़ी का

Pushya Mitra ………………………………………………………… पहले कल्पेश जी की खुदकुशी की सूचना मिली, फिर हजारीबाग में एक व्यवसायी परिवार के छह सदस्यों के एक साथ खुदकुशी की खबर आयी, पहले भी किसी आइएएस, किसी अधिकारी, किसी नेता की खुदकुशी की खबरें हम सुनते-जानते रहे हैं. भैय्यूजी महाराज जैसे आध्यात्मिक गुरु और कलिखो पुल जैसे बड़े राजनेता खुदकुशी कर रहे हैं. किसानों की खुदकुशी का तो कहना ही क्या, वह एक अलग ही मसला है. मगर इन लोगों की खुदकुशी समाज में एक अनकहा डर पैदा करती है, ये किसान नहीं हैं जोRead More


ऊपरवाला किस फैक्ट्री में बनाता है ऐसे लोगों को?

पुष्य मित्र वे दोपहर दो बजे के करीब आये थे. हाथ में एक दर्जन पन्ने की प्रेस रिलीज थी. हालांकि मैं किसी बीट का रिपोर्टर नहीं हूं, मगर कई दफा लोग मुझे भी रिलीज देने पहुंच जाते हैं. चुकि यह मामला चंपारण से जुड़ा है, इसलिए भी उन्हें लगा कि इस मामले में मेरी रुचि होगी. उनकी धारणा थी कि मैं भी चंपारण का ही रहने वाला हूं. मगर मेरी रुचि उनमें बढ़ने लगी. पॉलिस्टर का पुराना मुड़ा हुआ कुरता और पुरानी सी पैंट पहने और कांख में एक छोटा साRead More


Share
Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com