media in india

 
 

इसका, उसका, किसका मीडिया

31 जनवरी :  बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की प्रकाशित `मूकनायक` पत्र की 100वीं साल गिरह पर इसका, उसका, किसका मीडिया संजय स्वदेश  ( sanjayswadesh.blogspot.com/2020/01/blog-post.html से साभार ) बाबा साहब भीम राव अंबेडकर ने 31 जनवरी 1920 को मराठी पाक्षिक ‘मूकनायक’ का प्रकाशन प्रारंभ किया था. सौ साल पहले पत्रकारिता पर अंग्रेजी हुकूमत का दबाव था. दबाव से कई चीजे प्रभावित होती थी. सत्ता के खिलाफ बगावत के सूर शब्दों से भी फूटते थे. आजाद भारत में यह दबाव धीरे धीरे मार्केट ने ले लिया. मार्केट का प्रभाव अप्रत्यक्ष ज्यादाRead More


ज्यादा बुरा कौन? फेक वेबसाइट्स या चैनल-अखबार?

बेहतर क्या? बल्कि ज्यादा बुरा कौन? फेक वेबसाइट्स या चैनल-अखबार? बहुजनों, एससी-एसटी-ओबीसी-माइनॉरिटी के लिए क्या फेक न्यूज और क्या असली न्यूज. जैसे फेक वेब साइट वैसे ही चैनल और अखबार. दोनों ब्राह्मण-बनियों के कंट्रोल में हैं. फेक न्यूज साइटों से ज्यादा नुकसान तो चैनल और अखबार करते हैं जो दावा करते हैं कि उनकी खबरें सही होती हैं. मंडल कमीशन के खिलाफ राममंदिर का पूरा आंदोलन फर्जी साइट्स ने नहीं, अखबारों और चैनलों ने चलाया. आरक्षण के खिलाफ माहौल अखबार और चैनल बनाते हैं. दंगे चैनल और अखबार कराते हैं.Read More


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