Indian Politice

 
 

गोपालगंज में जनकराम, गया में हरी मांझी हैं भाजपा के लिए जरूरी

जानिए क्यों नहीं कट सकता है गोपालगंज में भाजपा से जनकराम का टिकट  विशेष संवाददाता, बिहार कथा. गोपालगंज. सियासी बयार में राजनीति का उंट कब किस करवट बैठ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है. आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर गोपालगंज से भाजपा के सांसद जनक राम के टिकट काटने को लेकर कई लोग कयास लगा रहे हैं. इसको लेकर सोशल मीडिया में भी कंपने चलाए गए. लेकिन क्या होगा आगे, क्या कटेगा जनकराम का टिकट इसको लेकर कंपेन चलाने वाले लोगों में संशय बरकरार है. चुनाव की राजनीति वोटों केRead More


मंत्री पद के लिए क्यों होती है मारामारी-2

‘चेयर प्रैक्टिस’ ही है आकर्षण की वजह वीरेंद्र यादव विधायकों का वेतन व भत्ता का निर्धारण संसदीय कार्य विभाग करता है, जबकि मंत्रियों के वेतन, भत्ता और अन्य सुविधाओं का निर्धारण मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग करता है। वेतन व क्षेत्रीय भत्ता विधायक और मंत्रियों को समान मिलता है। इसके अलावा अन्य सुविधाएं अलग-अलग हैं। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अनुसार, मंत्रियों को दैनिक भत्ता प्रतिदिन 2000 रुपये मिलते हैं। मंत्री बिहार में हों या बिहार से बाहर, उनके दैनिक भत्ता पूरे महीने का मिलता है। इनके दैनिक भत्ते में कटौती नहीं होतीRead More


जीत के जिम्मेदार


कटिहार: बर्खास्त राज्यपाल बन गये थे सांसद

वीरेंद्र यादव के साथ लोकसभा का रणक्षेत्र – 27 (बिहार की राजनीति की सबसे जरूरी पुस्तक- राजनीति की जाति) ———————————————— सांसद — कटिहार — तारिक अनवर — मुसलमान (इस्‍तीफा) विधान सभा क्षेत्र — विधायक — पार्टी — जाति कटिहार — तारकिशोर प्रसाद — भाजपा — बनिया कदवा — शकील अहमद खान — कांग्रेस — मुसलमान बलरामपुर — महबूब आलम — माले — मुसलमान प्राणपुर — विनोद सिंह — भाजपा — कुशवाहा मनिहारी — मनोहर सिंह — कांग्रेस — आदिवासी बरारी — नीरज कुमार — राजद — यादव ————————————————–  2014 मेंRead More


अपनी ही रियासत में चुनाव हार गये थे दरभंगा महाराज, 2019 में क्या होगा?

वीरेंद्र यादव के साथ लोकसभा का रणक्षेत्र – 25 (बिहार की राजनीति की सबसे जरूरी पुस्तक- राजनीति की जाति) बिहार की प्रमुख रियासतों में एक था दरभंगा राज। संभवत: सबसे बड़ी रियासत। दरभंगा के महाराजा कामेश्वर सिंह संविधान सभा के सदस्य भी थे। संविधान को अंतिम रूप में उनकी बड़ी भूमिका था। लेकिन इससे भी बड़ा तथ्य यह है कि महाराज कामेश्वर सिंह अपनी की रियासत के तहत आने वाले दरभंगा नार्थ से 1952 में लोकसभा चुनाव हार गये थे। 1952 में दरभंगा के नाम से चार लोकसभा सीट थी।Read More


जयंत जिज्ञासु और राजद

पुष्य मित्र —————————– कल एक मित्र से बात हो रही थी. वे कह रहे थे, बताइये राजद जैसी पार्टी जिसकी छवि गुंडों वाली पार्टी की रही है, ने जेएनयू के लिए जयंत जैसा सुलझा और विचार संपन्न कैंडिडेट चुना है. जबकि नीतीश जी की पार्टी को देखिये, सेकेंड लाइन में खाली ठेकेदार और रंगदार मिलेंगे, गुंडों की बीवियां मिलेंगी और नेताओं के बच्चे मिलेंगे. राजद जहां अपनी छवि को बदलने के लिए जमीन से जुड़े विचार में पगे लोगों को सामने ला रहा है, जबकि दूसरी पार्टियां इस बारे मेंRead More


‘खीर’ सी ‘खिचड़ी’ पका रहे हैं उपेंद्र कुशवाहा?

उमेश कुमार राय बिहार में यादव समुदाय की आबादी करीब 15 प्रतिशत और कुशवाहा समुदाय की करीब 8 फीसदी है. ऐसे में अगर उपेंद्र कुशवाहा लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए छोड़ कर राजद के साथ जाते हैं, तो भाजपा को बड़ा नुकसान हो सकता है. यदुवंशी (यादव) के घर के दूध और कुशवंशी (कुशवाहा) के घर के चावल से उत्तम खीर बनने की बात कह राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है. बिहार के सीएम और मंडल आयोग के सूत्रधारRead More


हां! मैं रामकृपाल, कभी था लालू का हनुमान

हां! मैं रामकृपाल, कभी था लालू का हनुमान! के. विश्वनाथ : कहते हैं कि भगवान् राम को 14 बरस का वनवास मिला था। मां कैकेई की वजह से। धर्म के ज्ञाता इस वनवास को अलग-अलग तरीके से परिभाषित करते हैं। भारतीय जनमानस उस परिभाषा में डूबता-उभरता रहता है। सदियों से यह कहानी हमारे समाज में प्रचलित है। राम के वन गमन के पीछे के अपने तर्क भी हैं। उन्होंने कइयों का संहार भी किया, तो कइयों का उद्धार भी। महानता की यही पहचान है। राम आए और चले गए, लेकिनRead More


सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में अंधाधुंध फायरिंग, गैंगस्टर संतोष झा को गोलियों से भूना

सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी में कुख्यात संतोष झा की सीजेएम कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान पुलिस के पहरे के बीच करीब तीन बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों द्वारा करीब 20 राउंड फायरिंग किए जाने के दौरान सीजेएम कोर्ट का एक चपरासी भी घायल हो गया। बताया गया है कि सीजेएम कोर्ट में मंगलवार को पेशी के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संतोष झा को सीतामढ़ी जेल से ही लाया गया था। पेशी के बाद पुलिस उसको लेकर जा रही थी तो पूर्व से घात लगाए अपराधियों ने संतोष झाRead More


इसी नेता की रिपोर्ट से देश की राजनीति के स्टेयरिंग ने लिया मोड

बीपी मंडल  की सौंवी जयंती पर उनके बारे में जानिए पुष्य मित्र आज बिहार के एक बड़े समाजवादी नेता बीपी मंडल की जन्मशती है। वे एक ऐसे नेता हैं जिनकी बनाई रिपोर्ट ने बीसवीं सदी के आखिर में देश की राजनीति के स्टेयरिंग को उस दिशा में मोड़ दिया जिस दिशा से आज भी मुड़ना नामुमकिन लगता है। उन्हें हम आज भी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में कम द्वितीय पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष के रूप में अधिक जानते हैं। वह आयोग भी मंडल कमीशन के नाम से हीRead More


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