कब तक बदहाली में रहेंगी थावे की भवानी

#बिहार_कथा__जानिए_कब_तक_बदहाली_में_रहेंगी_थावे_की_भवानी
थावे भवानी मंदिर के आसपास बदहाली और अव्यवस्था के जिम्मेदार सरकार की बजाय लालची पंडे पूजारी ज्यादा हैं.दर्जनों पंडे पुजारियों यहां हाथ में कलेवा और पूजा करवाने के नाम पर दान दक्षिणा के ऐवज में अच्छी-खासी रकम वसूलते हैं..मंत्र भी अशुद्ध रूप से बुदबुदाते हैं. जो गरीब थावे मंदिर में शादी करने की सोचते हैं, वे ऐसा करने के बाद दूसरी बार अपने परिवार के दूसरे सदस्य की शादी यहां नहीं करवाने के लिए कान पकड़ कर कसम खाते हैं ओर बोलते हैं कि यहां तो महाठग लोग बैठे हैं.थावे की भवानी कलकत्ता से चल कर थावे तक पहुंची हैं. कलकत्ता वाली भवानी मंदिर के आसपास भी ऐसा ही नजारा होता है. कम पैसे वाले भक्त श्रद्धा पूर्वक कुछ दान देने की इच्छा भी रखते हो तो वे पंडे पुजारियों के ठगे होने के बाद मन बदल देते हैं. मंदिर के गर्भगृह में तो जाने के लिए जेब ओर ढीली करनी पड़ती है. यहां के प्रसाद बेचने वाले दुकानदार भी कम ठग नहंी है, वे पता नहीं कितने महीने का पुराना पेड़ा प्रसाद के रूप में बेच देते हैं
किसका है यह मंदिर : सबसे पहला सवाल यह कि यह मंदिर है किसका? इस मंदिर पर हथुआ राज अपना अधिपत्य होने का दावा करता है. इसकी अधिपत्यता को लेकर बिहार सरकार की ओर से पूर्व आईपीएस कुणाल किशोर ने मुकदमा किया था, फिलहाल अब वे उस विभाग से इस्तीफा दे चुके हैं. इस केस के मुदई और मुद्दाय किसी को कोर्ट की तारीख से ज्यादा मतलब नहीं होता है. मामला पेडिंग हैं.
व्यवस्था तो ऐसी होनी चाहिए : यदि इस मंदिर की बदहाली सुधारती है तो सबसे पहले यहां के अनगिनत पंडे पुजारियों के चंगुल से थावे की भवानी को बाहर निकालना चाहिए. जैसे बिहार के बाहर दूसरे राज्यों के मंदिर में होता है, आप प्रसाद लेकर जाइए, पूजारी प्रसाद चढ़ाएगा, और उसे वापस करेगा, आपको उसे दान दक्षिणा देना हो तो आपकी मर्जी, बाकी चंदा या दान आप वहां की दान की पेटी में डालिए…ऐसी ही व्यवस्था मुंबइ्र के प्रसिद्ध श्रीणेश मंदिर में है, प्रसिद्ध साईं बाबा के मंदिर में हैं. जो चंदे की रकम या दान दक्षिणा की रकम होती है, उसी से पुजारियां को निर्धारित वेतन दिया जाता है और मंदिर के आसपास की व्यवस्था की जाती है. इस तरह मंदिर दिन दुनी रात चौगुनी तरक्की करते है और वहां भक्तों को भी आने का फिर मन करता है, लेकिन कोलकत्ता की कालीवाड़ी वाली भवानी हो या थावे वाली भवानी दोनों जगह पंडे पुजारियों ने ऐसा कचरा कर रखा है कि मन करवाईन हो जाता है….इसलिए इस मंदिर और इसके आसपास की कुव्यवस्था के लिए प्रशासन को दोष देने के बजाय मंदिर के अधिस्वामी (चाहे हथुआ राज हो या प्रशासन की कोई स्थानीय संचालन कमेटी) को माल बटोरने के बजाय आगे आना चाहिए और बताना चाहिए कि हर महीने या हर साल कितना दान आया और उससे क्या क्या काम मंदिर परिसर के विकास के लिए किया गया?

टिप्पणियाँ
Ayush Shahi Bhumihar
Ayush Shahi Bhumihar थावे पर लिखने के लिए धन्यवाद संजय जी
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 04:10 अपराह्न बजे

Vikash Kumar Tiwari
Vikash Kumar Tiwari दान से सिर्फ मंदिर परिसर ही सुधर सकता है वहाँ की रोड नही अप्रोच रोड की समस्या इस वक्त है वहाँ जल जमाव है उसको उठाइये रोड की जर्जर हालत को देखिए वहाँ की साफ सफाई देखिए सिर्फ घोषडा करके कोई हीरो नही हो जाता इतना ही मैया से प्रेम है तो ये लोग अपने एक महीने का वेतन निकल कर दे दे वहाँ की व्यवस्था खुद ब खुद सुधरने लगेगी …
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 04:15 अपराह्न बजे

आपन माटी गोपालगंज
आपन माटी गोपालगंज सुंदर लेख
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 04:16 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar Vikash Kumar Tiwari ji तिवारी जी आपका कहना सही है, लेकिन वह जिम्मेदारी जनप्रतिनिधि का है….लेकिन उससे पहले मंदिर की मूल व्यवस्था बेहतर हो, वहां के पंडे पुजारी ईमानदार होंगे तो जनप्रतिनिधियों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा
पसंद करें

· जवाब दें ·

3

· 29 मई को 04:24 अपराह्न बजे

Vikash Kumar Tiwari
Vikash Kumar Tiwari बाद में वहा का भरष्टाचार खत्म हो जाएगा पहले मूलभूत सुबिधा सही तो है यहां जनप्रतिनिधि दिलासा दिला देते है तो लोग उनका प्रोफाइल pic लगा लेते है
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 04:39 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
कोई जवाब लिखें…
 
Sanjay Kumar
Sanjay Kumar Vikash Kumar Tiwari ji और कोई जनप्रतिनिधि क्यों अपने एक महीने का वेतन निकाल कर दें…यह काम मंदिर में आए दान से भी तो हो सकता है…..कहां जाता है दान का रुपया, कौन हजम कर रहा है….क्या हथुआ राज मंदिर का मालिकाना हक छोड़ने का तैयार है?
पसंद करें

· जवाब दें ·

3

· 29 मई को 04:27 अपराह्न बजे

Vikash Kumar Tiwari
Vikash Kumar Tiwari वहाँ का दान का रुपया मंदिर न्यास समिति में जाता है जो आपके कुणाल साहब का देन है
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 04:38 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar Vikash Kumar Tiwari ji….to swal Nyash samiti se puchiye….. kunal sahab hamare kaun ?
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 04:48 अपराह्न बजे

Vikash Kumar Tiwari
Vikash Kumar Tiwari आरोप भी न्यास समिति पे लगाइये
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 05:05 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar sara chij thik se padhiye bandhu.. puri post fir se padhiye…
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 05:39 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
कोई जवाब लिखें…
Ram Niwash Pandey
Ram Niwash Pandey · 20 आपसी मित्र

Assam me Deopani namak sthan me ek bahut hi purana aur jsgrat durga
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 04:28 अपराह्न बजे

Ram Niwash Pandey
Ram Niwash Pandey · 20 आपसी मित्र

Assam me Deopani namak sthan me ek bahut hi purana aur jsgrat durgamata ka mandir hai aur pure bharat me aisi byaestha kahi dekhne ko nahi milti. yaha mandir prabandhan ke taraf se apka prasad dhokar nariyal kat kar saja kar bhakta ke hath me de diya jata hai aur koi paisanahi lagata.panda bhanda aadi ka jhamela nahi. hajaro log roj aate hsi
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 04:34 अपराह्न बजे · संपादित

Deeplal Sah
Deeplal Sah Thawe mandir ka sabse bada kachara waha ka panda log Hai prasad chadhane ke liye ghush magta Hai log Paisa do andar jao nahi to prasa dekar bahar jao Kya ye mandir riwaj Hai agar kuch karna chahte ho to mehdar mandir se sikho
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 04:41 अपराह्न बजे

पं युगल किशोर पावनाचार्य
पं युगल किशोर पावनाचार्य “”कबतक बदहाली में रहेगी थावे की भवानी””
शिर्षक ठीक नहीं है….
बदहाली में लोग रहेंगे, वहां आने जाने वाली जनता और स्थानीय लोग रहेंगे, भवानी नहीं….
पसंद करें

· जवाब दें ·

3

· 29 मई को 04:46 अपराह्न बजे

Vikash Kumar Tiwari
Vikash Kumar Tiwari सही बोले है भवानी बदहाल नही है
समस्या तो जनता को होती है …
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 04:47 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
कोई जवाब लिखें…
LB Gupta
LB Gupta मंदिर अव्यवस्था को दूरकरने के लिए इस पर खुलकर बोलने के साथ साथ खुलकर अव्यवस्था का विरोध भी ज़रूर..इसके साथ ही समान्य जन की सहभागिता की ज़रूरत है।
सनातन पंडा व्यवस्था का मूल रूप लोकसेवा से संबंधित था परंतु आज लूटसेवा की बिमारी से ग्रस्त हो चुका है। पूरऔर देखें
पसंद करें

· जवाब दें ·

7

· 29 मई को 04:48 अपराह्न बजे

Vishwa Hindu Sangh
Vishwa Hindu Sangh मंदिर दुर्व्यवस्था
कारण
उपायऔर देखें
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 06:29 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
कोई जवाब लिखें…
 
Manish Kumar Rai
Manish Kumar Rai शत प्रतिशत सही … थावे धाम को वहां के लालची पंडे पुजारियों के चुंगल से मुक्त कराना होगा । आस्था के नाम पर दबा के धन बटोर रहे हैं सब ।
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 04:49 अपराह्न बजे

Deeplal Sah
Deeplal Sah Aise halat me imandar bhagt Ghar me puja kar lega magar jayega thawe me nahi
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 04:51 अपराह्न बजे

Suman Sawariya Suman Sawariya
Suman Sawariya Suman Sawariya Ye baat to sahi h aadhe to pakke chor h
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 04:55 अपराह्न बजे

Vishwa Shri Ram Sena
Vishwa Shri Ram Sena आज स्वच्छ भारत अभियान की सबसे ज़्यादा ज़रूरत मंदिर थावे धाम मे है ।
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 04:56 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar पं युगल किशोर पावनाचार्य jiशीर्षक बदलने से सच नहीं बदल जाता है…..आप पंडे पुजारियों की लूट खसोट पर क्यों मौन है?
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 05:40 अपराह्न बजे

Satyendra Kumar
Satyendra Kumar Ajit Tiwari Mr. Tiwary, please go through the subjected article and also read comments. What you say on this issue?
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 05:50 अपराह्न बजे

Vinay Kumar Pandey
Vinay Kumar Pandey Sanjay Kumar ji किसी भी बिषय में लिखने से पहले वाहा की पूरी जानकारी अच्छी लेलिया करे
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 06:09 अपराह्न बजे

Deeplal Sah
Deeplal Sah Vinay ji sahi kah Rahe hai
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 06:12 अपराह्न बजे

Vishwa Hindu Sangh
Vishwa Hindu Sangh मंदिर दुर्व्यवस्था
कारण
उपायऔर देखें
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 06:30 अपराह्न बजे

पं युगल किशोर पावनाचार्य
पं युगल किशोर पावनाचार्य Sanjay Kumar ji शास्त्रों में दो लोगों की चर्चा की गयी है, एक को बुद्धिमान और दूसरे को चतुर कहा गया है।
उसी में का आप चतुर हैं।
आम को कटहल कह देने से उसका स्वरूप नहीं बदलता…और देखें
पसंद करें

· जवाब दें ·

4

· 29 मई को 06:39 अपराह्न बजे

Satyendra Kumar
Satyendra Kumar स्वरुप बदले या ना बदले, व्यवस्था ज़रूर बदलनी चाहिए… मंदिर को कचरा घर बना दिया है लोग…
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 06:51 अपराह्न बजे

Satyendra Kumar
Satyendra Kumar बरसात में तो जाने का भी मन नहीं करता है वहाँ पर। .. जल निकासी का कोई प्रबंध ही नहीं है… चारों तरफ़ कीचड़ ही कीचड़ होता है वहाँ ​…
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 06:54 अपराह्न बजे

पं युगल किशोर पावनाचार्य
पं युगल किशोर पावनाचार्य अच्छी बात है कि व्यवस्था की बदलाव हो, किन्तु भवानी के नाम का दूरूपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा…
पसंद करें

· जवाब दें ·

3

· 29 मई को 06:56 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar पं युगल किशोर पावनाचार्य पंडी जी यहां भवानी का नाम का दुरुपयोग कहां किया जा रहा है, यहां तो सवाल खड़ा किया जा रहा है कि भक्तों का पैसा मार कर पंडे पुजारी अपनी जेब भर रहे हैं…यहां अधिकृत पंडे पुजारियों की बात चल रही है, जो होते तो जिम्मेदारी तय होती ओर व्यवस्था सुधरती, आप हेडिंग के चक्कर छोड़िए बाकी मुद्दे पर आइए…. ओर हां, आम और कटहल में एक कॉमन चीज है, दोनों पकने पर मीठा होते हैं, शास्त्रों पर चर्चा फिर कभी…..
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 08:16 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
कोई जवाब लिखें…
 
Abhay Kumar Mishra
Abhay Kumar Mishra Good essay on thawe temple…
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 07:09 अपराह्न बजे

ब्रह्मर्षि राजन पाण्डेय
ब्रह्मर्षि राजन पाण्डेय Sanjay kumar tu jake waha panda ban ja or jo paisa tujhe dan me mile wo tu mandir ke liye dan kar pandit ko dan milta hai to tujhe kyon jalan hoti hai or sun likhna hai to likh ki कबतक बदहाली मे रहेंगे सवर्ण आरक्षण कब खत्म होगा उसपर तो तेरी सांप सूंघ जाती है उसपर क्यों नही लिखता केवल तुझे पंडित ही दिखते है तु पत्रकार केहता है खुद को
पसंद करें

· जवाब दें ·

3

· 29 मई को 07:14 अपराह्न बजे

Sujeet Pandey
Sujeet Pandey थावे मंदिर में महाठगो का अड्डा है।
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 07:17 अपराह्न बजे

Sujeet Pandey
Sujeet Pandey देवी के मूर्ति के सामने खड़े हो जाते हैं और पैसे दो तो दर्शन करने देते हैं।
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 07:18 अपराह्न बजे

Sujeet Pandey
Sujeet Pandey एक दम सही लेख है। ख़ुद मेरे से एक पंडा १०० रुपया माँग रहा था दर्शन करवाने को। मैंने स्पष्ट मना कर दिया। भारी अव्यवस्था है थावे मंदिर में पंडे पुजारियों के कारण। अधिकतर को बाहर निकालना चाहिए वहाँ से।
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 07:21 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar Bjp Thawe ji कहीं किसी जाति का उल्लेख है क्या इसमें…पंडे पुजारी तो कोई भी हो सकता है….अब वहां किसी जाति के पंडे पुजारी है, इसका सर्वे आप खुद कीजिए…
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 07:39 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar Bjp Thawe ji हमारी पत्रकारिता कैसी है यह छोड़िए, पहले यह बताइए कि आप यह फर्जी आईडी चला कैसे रहे हैं, थावे में बीजेपी का ठेका आपको मिला है क्या? असली नाम से आईडी चललाइए….
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 07:40 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar Bjp Thawe कार्यकर्ता हैं तो अपने नाम से आईडी चलाएं, आलतू-फालतू बातें कर भाजपा को बदनाम न करें आपके जिलाध्यक्ष Binod Kumar जी ने कहा है कि कोई कार्यकर्ता भाजपा के नाम से आईडी न चलाए.और यह सलाह नहीं है, आपके फर्जीवाड़ा की ओर ध्यानाकर्षक है…जिसकी रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 08:10 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
कोई जवाब लिखें…
 
Sanjay Kumar
Sanjay Kumar ब्रह्मर्षि राजन पाण्डेय फर्जी पंडे, तु कौन है? वहां का पंडा पुजारी है क्या? पंडा पुजारी कोई भी हो सकता है, यह जरूरी नहीं कि तुमारी जाति के लोग हों,,,यहां अच्छे मैटर में जबरिया जाति घूसेड़ दे रहे हो…
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 08:21 अपराह्न बजे · संपादित

Ranjeet Kumar Tiwari
Ranjeet Kumar Tiwari थावे मन्दिर मे अधिकांश पंडे ब्राह्मण नहीं हैं दूसरी जाति के हैं संजय बाबू ।
पसंद करें

· जवाब दें · 30 मई को 02:40 अपराह्न बजे

ब्रह्मर्षि राजन पाण्डेय
ब्रह्मर्षि राजन पाण्डेय रे सुन संजय कुमार फ़र्ज़ी होगा तु समझे की नही लेख लिखना है तो उस ब्यवस्था पर लिखो जिससे लोगो को दिक्कते होती है आरक्षण तुझे जातिगत नही लगता बता मुझे
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 30 मई को 03:55 अपराह्न बजे

अधिक जवाब देखें
Sanjay Kumar
कोई जवाब लिखें…
Vishwa Hindu Sangh
Vishwa Hindu Sangh मॉं का दरबार जगत् प्रसिद्ध है
मॉं के धाम मे सही व्यवस्थापन की ज़रूरत है,दशकों से परिस्थिति ढाक के तीन पात की तरह ही रह गई है। Sanjay Kumar का सत्य किसी को विष लग सकता है पर ८०% गोपालगंज वासी अपने थावेधाम मे सुनियोजित सुव्यवस्था देखना चाहते है
इसमें किसी का व्यक्तिगत स्वार्थ नही हैऔर देखें
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 29 मई को 08:09 अपराह्न बजे

विश्व श्रीराम सेना
विश्व श्रीराम सेना

चित्र में ये शामिल हो सकता है: पाठ
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 08:12 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar सही बोले इसका उन लोगों को मनन करना चाहिए, जो यहां इस पोस्ट को जहर तरह तरह से समझ रहे हैं…
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 08:13 अपराह्न बजे

Sanjay Kumar
कोई जवाब लिखें…
आनंद कुमार गुप्ता
आनंद कुमार गुप्ता Thawe mandir ke pandit ghushkhor h…bina paisa liye chadhawa nhi chadhate is me su dhar kiya jaye
पसंद करें

· जवाब दें ·

3

· 29 मई को 08:12 अपराह्न बजे

Sujeet Kumar
Sujeet Kumar · Manish Kumar और 2 अन्य लोगों के मित्र

That nahi madharchod hai waha ke pujari
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 08:45 अपराह्न बजे

विश्व श्रीराम सेना
विश्व श्रीराम सेना धृतराष्ट्री लालसा से उपर उठकर ही हमारे संस्कृति के धरोहर मंदिरों का स्वर्णिम सृजन संभव है..
हमें एक मत से इस महान सृजन कार्य मे साथ आना ही होगा…और देखें
पसंद करें

· जवाब दें ·

1

· 29 मई को 08:51 अपराह्न बजे

Sarfraj Raj Raj
Sarfraj Raj Raj yE GaLaT eH ^,^ ThaWe Ki BadHaLii K LiyE SirF PanDe PujaRi Hi NaHii -_- HaMarii SarKar B uTni Hi ZimmeDar eH -)) Agar SarKar ChaaHe ToH 5 MinT mE AisE PanDe PujariyO Ko ManDir sE BaHar uKhaaD K FeKeGii *_+
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 09:27 अपराह्न बजे

DrShriram Yadaw
DrShriram Yadaw Sahi bat pandito ke chhichhorpan ke wajah se achha nahi lagta
पसंद करें

· जवाब दें · 29 मई को 10:42 अपराह्न बजे

Amritesh Ashutosh
Amritesh Ashutosh · 16 आपसी मित्र

बेहतर सडक , बेहतरीन धर्मशाला, खुबसुरत जलाशय जगमगाते मेला परिसर जंगल को पार्क के रुप मे परिवर्तित करना यह सब राज्य सरकार का काम है बच्चे । स्टैंड का टेंडर आधा करोड से ज्यादा का होता है सुविधा क्या है? दुकानदारो से वसुली तो होती है लेकिन तिरपाल और पलास्और देखें
पसंद करें

· जवाब दें ·

2

· 30 मई को 05:45 पूर्वाह्न बजे

Sanjay Kumar
Sanjay Kumar Amritesh Ashutosh चाचा! पहले पंडे पुजारियों की ठगी तो बंद करावाओ, और जो दान पेटी में दान गिरता है, उसका हिसाब तो बताओ….
पसंद करें

· जवाब दें · 30 मई को 05:45 अपराह्न बजे

Sonu Kumar
Sonu Kumar areeee sanjay bhaiya ka ekani fera me lagal bada e sab aisan kabo na hoye diha san . e sab k chalat firat no investment aur full interest . job of per generation sab khatam ho jayi…..
पसंद करें

· जवाब दें · 31 मई को 01:36 पूर्वाह्न बजे

संजय कुमार के फेसबुक टाइम  लाइन से साभार





Related News

  • गोपालगंज : बारिश ने लौटाई धान के पौधे की रंगत
  • नरकटियागंज- गोरखपुर रेलखंड पर तीसरी बार ठप हुआ रेल परिचालन
  • सीवान : अररिया के राजद सांसद तस्लीमुद्दीन के निधन पर राजद विधायक संग कार्यकर्ताओ ने जताया गहरा शोक।
  • गोपालगंज : बारिश नहीं होने से धान की फसल सुखे
  • गोपालगंज : शैक्षणिक संस्थानों पर दलालो का कब्जा
  • गोपालगंज : गंडक नदी के कटाव बेकाबू
  • गोपालगंज : मीरगंज शहर के सड़क पर ही होते है वाहन पार्किंग
  • गोपालगंज : रेवतिथ हाई स्कूल में विज्ञान मंडली का आयोजन
  • Comments are Closed