बिहार में एसएससी सिपाही बहाली के लिए 80 करोड़ का सौदा
मुजफ्फरपुर/पटना। कर्मचारी चयन आयोग इलाहाबाद की ओर से आयोजित सिपाही बहाली परीक्षा में पास कराने के लिए अंतरराज्यीय गिरोह ने अभ्यर्थियों से 80 करोड़ का सौदा किया है। मुजफ्फरपुर के भगवानपुर स्थित यूको बैंक से गिरफ्तार कर्मचारी संतोष ने पुलिस की पूछताछ में जो राज खोले हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। उधर, इस फर्जीवाड़े के तार पटना के कुछ कोचिंग सेंटरों से जुड़े हैं। पुलिस इनके संचालकों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।संतोष ने पुलिस को बताया कि गिरोह के सरगना ने करीब 2000 अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए सेटिंग की है। प्रति अभ्यर्थी चार लाख रुपए (कुल 80 करोड़) वसूले गये हैं। इसमें पटना के कोचिंग संस्थान की बड़ी भूमिका है। उसकी मानें तो आईबीपीएस प्रतियोगिता पास कराने में भी गिरोह सक्रिय है। सिटी एसपी आनंद कुमार ने बताया कि संतोष से मिली जानकारी के आधार पर पटना में एक कोचिंग संस्थान के संचालक को पकड़ने के लिए छापेमारी चल रही है।
संतोष के पास से आईबीपीएस परीक्षा में शामिल होने वाले कई छात्रों के एडमिट कार्ड मिले हैं। संतोष ने पटना के जिस कोचिंग संस्थान के बारे में पुलिस को जानकारी दी है उसकी शाखाएं बिहार के कई जिलों में फैली हैं। सदर थाने की पुलिस का कहना है कि संतोष दो वर्ष से गिरोह के लिए काम कर रहा है। अभ्यर्थियों की सेटिंग के लिए संतोष जैसे कई एजेंट सक्रि य हैं। छात्रों के आधार पर इन्हें कमीशन मिलता है।
संतोष ने पुलिस को बताया कि सेटिंग हो जाने पर अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा में कोचिंग संस्थान के स्कॉलर बैठते हैं। स्कॉलर पकड़ने नहीं जाएं इसके लिए एडमिट कार्ड की तस्वीर बदल दी जाती है। बाद में स्कॉलर की जगह अभ्यर्थी की तस्वीर लगा दी जाती है। अभ्यर्थी के अंगूठे के निशान के लिए एक्सपर्ट से प्लास्टिक का फिंगर प्रिंट बनवाया जाता है। इसे स्कॉलर के अंगूठे पर चिपकाया जाता है।
इस सेटिंग में कर्मचारी चयन आयोग तक गिरोह की सेटिंग होने की आशंका जतायी जा रही है। संतोष के अलावा अतरदह से पकड़ाये रविरंजन ने पुलिस को बताया कि पटना के कोचिंग संस्थान संचालक के पकड़ाने के बाद ही रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पर्दाफाश हो पायेगा। उस कोचिंग संचालक तक पहुंचने के लिए एक कैंटीन संचालक के बारे में संतोष ने पुलिस को सूचना दी है।
नालंदा समेत दूसरे जिलों में भी छापेमारी
पटना। राजधानी पुलिस की एक विशेष टीम एसएससी परीक्षा फर्जीवाड़े से जुड़े गिरोह की टोह में जुटी हुई है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा, नालंदा के हिलसा अनुमंडल और समस्तीपुर के सदर इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस टीम को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। फिलहाल पुलिस अपनी कार्रवाई को सार्वजनिक नहीं करना चाहती।
एसएसपी विकास वैभव ने बताया कि अमित की तलाश दूसरे राज्यों में भी की जा रही है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की पुलिस से बातचीत जारी है। गिरोह का सरगना अमित पकड़ा गया तो कई खुलासे हो सकते हैं। तफ्तीश में पटना के कुछ कोचिंग संचालकों की भी साठगांठ की बात सामने आई है। साक्ष्य मिलने के बाद पटना पुलिस उन पर भी कार्रवाई करेगी।
फरार स्कॉलर से मिलता गिरोह के मास्टर माइंड का सुराग
मुजफ्फरपुर। गुलशाद। नगर थाने के राधा कृष्ण केडिया उच्च विद्यालय में बीते रविवार को केंद्राधीक्षक रवींद्र कुमार चौधरी ने पटना के एक कोचिंग संस्थान के स्कॉलर रवि कुमार को परीक्षा देते हुए पकड़ा था। वह नवादा जिले के वरसलीगंज थाने के हैबतपुर निवासी रामचंद्र प्रसाद के पुत्र ज्योतिष कुमार के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। रवि के अंगूठे पर प्लास्टिक का फिंगर प्रिंट सटा हुआ था। एडमिट कार्ड और केंद्र पर भेजे गए फॉर्म पर भी ज्योतिष कुमार की तस्वीर को उखाड़ कर रवि की तस्वीर साटी गई थी।
तस्वीर को दोबारा चिपकाने का साक्ष्य फॉर्म पर मिला था। इसकी रिपोर्ट एसएससी मुख्यालय इलाहाबाद तक भेजी गई थी। केंद्राधीक्षक ने रवि के अंगूठे से मिले प्लास्टिक फिंगर प्रिंट को जब्त किया था। रवि ने पूछताछ में राधा कृष्ण केडिया बालिका उच्च विद्यालय में पकड़े जाने के बाद परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर स्कॉलरों को बैठाने के खेल के बारे में बहुत कुछ जानकारी केंद्राधीक्षक को दी थी। इसके बाद रवि को नगर थाना पुलिस के सिपुर्द किया था। हालांकि रवि भाग निकला। बताया जा रहा है कि रवि से पूछताछ होती तो अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में पुलिस के पास कई ठोस सबूत पुलिस को मिल जाता।
रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी
एसएसी परीक्षा में तीन ऐसे स्कॉलर पकड़े गये थे, जो दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे। केंद्राधीक्षक की रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया गया था। अब संतोष की गिरफ्तारी के बाद जब बड़े गिरोह की जानकारी पुलिस को हुई है तो जेल भेजे गए तीनों स्कॉलरों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की हिदायत एसएसपी ने सदर व नगर थाने की पुलिस को दी है। उन तीनों से पूछताछ में रैकेट में शामिल कई सफेदपोश केका नाम सामने की संभावना है।
इन अभ्यर्थियों से पूछताछ की तैयारी
मुजफ्फरपुर में एसएससी के चार अभ्यर्थियों के स्थान पर स्कॉलरों को परीक्षा देते पकड़ा गया था। एसएससी के अभ्यर्थी फुलपरास के वैद्यनाथ कुमार, वैशाली जिले के भगवानपुर निवासी राजू राय, जहानाबाद के अमैन थाने के मालीचक गांव निवासी अरविन्द कुमार और वरसलीगंज थाने के हैबतपुर निवासी ज्योतिष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की पुलिस ने तैयारी की है। इन चारों छात्रों के स्थान पर स्कॉलरों को परीक्षा देते गिरफ्तार किया गया था।
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