हथुआ के गोपश्वर कॉलेज का नाम बदला, अब लॉ और पत्रकारिता की भी होगी पढाई

हथुआ के गोपश्वर कॉलेज का नाम बदला, अब लॉ और पत्रकारिता की भी होगी पढाई
सुनील कुमार मिश्रा.बिहार कथा, कार्यालय संवाददाता, हथुआ/गोपालगंज. हथुआ में बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन से हथुआ समेत पूरे गोपालगंज को बडी सौगात मिली है. सबसे पहली बात कि यह कि गोपेश्वर महाविद्यालय का नाम बदल दिया गया है. अब गोपेश्वर महाविद्यालय के आगे महाराजा जोड दिया गया है. इसका नाम अब महाराजा गोपेश्वर महाविद्यालय होगा. रही बात सौगात की तो वह गोपालगं में शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बडी सौगात मानी जा सकती है. अब हथुआ के इस पुराने कॉलेज में सभी विषयों में यहां पोस्ट ग्रेजुएट तक की पढाई होगी. इतना ही नहीं, अब महाराजा गोपेश्वर कॉलेज में लॉ, पत्रकारिता, बीसीए, बीबीए, गृहविज्ञान आदि नए कोर्स का संचालन होगा. इस सबका निर्णय राज्यपाल के हथुआ कालेज में महाराजा बहादुर गोपेश्वर शाही की प्रतिमा के अनवारण में आने से एक दिन पूर्व हुआ. जेपी यूनिवर्सिटी के कुलपति डा हरिकेश सिंह ने राज्यपाल के हथुआ आने से एक दिन पहले बुधवार, 27 फरवरी को यूनिवर्सिटी सीनेट की बैठक बुलाई और बैठक में गोपेश्वर कॉलेज के आगे महाराजा शब्द जोडने व कॉलेज में पीजी तक की पढाई व लॉ, पत्रकारिता, बीसीए, बीबीए, गृहविज्ञान आदि नए कोर्स के संचालन पर के प्रस्ताव को पास किया गया. हथुआ में राज्यपाल की उपस्थिति में यूनिवर्सिटी के कुलपति डा हरिकेश सिंह ने कॉलेज के नाम बदलने व नए कोर्स के संचालित करने की घोषणा की.
कब से शुरू होंगे नए कोर्स
हथुआ राज की ओर से कॉलेज में महाराजा बहादुर गोपेश्वर साही की प्रतिमा अनावरण के लिए आयोजित भव्य कार्यक्रम में राज्यपाल की उपस्थिति में जेपी यूनिवर्सिटी के वीसी डा हरिकेश सिंह ने  बिहार कथा को बताया कि अब सब कुछ क्लियर है.  यूनिवर्सिटी सीनेट में प्रस्ताव पास कर दिया गया है. अब इसके अनुमोदन के लिए राज्य सरकार के शिक्षा विभाग के पास भेजा जाएगा, वहां से स्वीकृति के लिए राज्यपाल के पास जाएगा. इसके बाद हथुआ के महाराजा कॉलेज में नए कोर्सों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा.
गोपालगंज में यह होगा असर
हथुआ का गोपेश्वर बिहार और केंद्र सरकार के बीच सहयोग में 1956 में स्थापित किया गया था. कॉलेज का आदर्श वाक्य “साविद्या या विमुक्तये” है। इस कॉलेज की स्थापना के लिए हथुआ राजा के महाराज बहादुर गोपेश्वर साही ने जमीन दान में दी थी. इससे पहले हथुआ राज्य की जमीन पर ही 1880 से इंडेन स्कूल और अब डा राजेंद्र प्रसाद उच्च विद्यालय संचालित है. इससे हथुआ के आसपास के क्षेत्रों में दूसेरे क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा साक्षर, शिक्षित व ग्रेजुएट लोग हैं. अब पीजी स्तर की पढाई होने के कारण स्थानीय छात्रों में उच्च शिक्षा व प्रोफेशनल शिक्षा की ललक बढेगी. यहां छात्रों की भीड भी बढेगी और इसका असर हथुआ के हर क्षेत्र पर पडेगा.





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