गोपालगंज में सम्मेलन के नाम इस तरहसे अतिपिछडों को ठग रही है जदयू!

दुर्गेश यादव.गोपालगंज. 
आरसीपी सिंह आज गोपालगंज पधार रहें हैं “अतिपिछड़ा सम्मलेन सह रोड शो ” में आरसीपी सिंह न अतिपिछड़ा है न ही इनको अतिपिछड़ा सरोकार से कोई मतलब है |
इसका जीवंत उदाहरण जगह जगह लगे पोस्टर हैं | इस पोस्टर में जदयू के अतिपिछडे समाज के नेताओं को कोई सम्मानजनक स्थान नहीं मिला है |
यदि जिसको ये पोस्टर में सम्मानजनक स्थान नहीं दे पातें हैं उसको सत्ता में कितनी हिस्सेदारी देंगे आप सोच लीजिये |
आरसीपी सर टेक्स कलेक्टर हैं इनका काम ठीकेदारों से वसूली कर के मारीशश में रिसोर्ट का निर्माण करना है जन सरोकार से कोई मतलब न इनको है और न ही इनके पार्टी के नेताओं को |
अतिपिछड़ों के शोषण की कहानी जननी है याद कीजिये २०११ से १०१६ के पंचदेवरी ब्लाक प्रमुखों से तीन बार बीडीसी लोग पैसा वसूले हैं जब लड़ाई अतिपिछड़ों में थी तब विधायक जी ब्लाक में पहुँच कर चुनाव कराते थे और एक के बदले चार दिलवाते थे और जब जिसको चाहे थे उसको प्रमुख बनाए |
२०१६ में प्रमुख के कुर्सी की लड़ाई अतिपिछड़ा की भूमिहार से थी विधायक जी जमुनहा से लौट गए प्रखंड मुख्यालय भी नहीं पहुंचे |
२०१६ के चुनाव में बिधायक जी के सभी सवर्ण समर्थक चुनाव जीत गए लेकिन उनके अतिपिछड़ा समर्थक और जद्यु प्रखंड अध्यक्ष सुरक्षित सिट से चुनाव हार गए क्योंकि उनको चुनाव में बाबु साहेब के गाय चराने वाले से लड़ना था|
यह उदाहरण पंचदेवरी का है यही हाल पुरे बिहार में है नीतीश जी अतिपिछड़ा प्रेम एक ढोंग है | असली खेल सत्ता और स्वर्ण ठेकेदारों का आपसी तालमेल से राज्य का खजाना खाली करके शोषक वर्ग को मजबूती प्रदान कर बंचित समाज का शोषण कराने है | आप बारीकी से इस खेल को समझिये | इस रोड शो में यह देखा जाना है की जो लोग १५ वर्षों से मलाई चाप रहें हैं वे पार्टी को चुनाव में कितना आर्थिक और सामाजिक सपोर्ट से सकतें हैं |
इस रैली का अतिपिछड़ा समाज के सामाजिक सरोकार का कोई मायने मतलब नहीं है|उनको मंडल वाद उजाले से कमंडल वाद के अंधकार में धकेलने हेतु सत्ता और अर्थतंत्र का एक सियाशी साजिश है |
( आलेख दुर्गेश यादव के फेसबुक टाइल लाइन से साभार लिया गया है )





Related News

  • मुकेश पांडेय के हाथों रिमॉडलिंग हेल्थ सेंटर जनता को समर्पित
  • हमरा मालिक के बोलवा दी ए एमपी साहेब, राउर जीनगी भर एहसान ना भूलेम !
  • मुखिया पति के मर्डर पर आक्रोशित हुए हथुआ प्रखंड के जनप्रतिनिधि
  • गोपालगंज : तीन साल पहले भी उपेंद्र सिंह को मारी थी गोली, तब बच गए थे
  • बेगूसराय में एससी एसटी कानून के खिलाफत में आया सवर्ण समाज
  • गोपालगंज : बरौली कोल्ड स्टोरेज ने किसानों को दिया धोखा
  • छठिहार महोत्सव : कान्हा की भक्ति में डूबा हथुआ शहर
  • छठिहार महोत्सव को लेकर सजा हथुआ का गोपाल मंदिर
  • Comments are Closed

    Share
    Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com