आईएएस प्रदीप के घर पहुंचते ही जश्न में डूबा हथुआ का परमानपट्टी

22 साल की उम्र में यूपीएससी में प्राप्त किया 93वां रैंक
परिणाम आने के बाद पहली बार पहुंचे गांव परमानपट्टी
सुनील कुमार मिश्र,बिहार कथा (हथुआ ). प्रखंड के सेमरांव पंचायत अंतर्गत परमानपट्टी गांव में रविवार की सुबह से ही उत्सवी माहौल था। घर-घर में लोग गांव के एक लाल के आगमन के इंतजार में पलक-पावड़े बिछाए हुए थे। आखिर हो भी क्यों न, गांव के एक लाल प्रदीप सिंह ने देश की प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 93वां रैंक लाकर पूरे जिले को गौरवान्वित जो किया है। ग्रामवासी इतने उत्साहित थे कि प्रदीप को रिसिव करने स्थानीय मुखिया रामाजी साह के नेतृत्व में सीवान जक्शन तक पहुंच गए। गांव पहुंचते ही लोगों ने गाजे-बाजे व मालों के साथ प्रदीप का स्वागत किया। बाद में ग्रामीण विजय जुलूस निकाल कर गांव के काली माता के मंदिर पर पहुंचे। जहां विधिवत आरती पूजन आदि कार्यक्रम हुए। उसके बाद घर में प्रदीप की आरती व चुमावन आदि कार्यक्रम भी हुए। प्रदीप की सफलता पर दादा राजवंशी सिंह, बड़े पापा श्रीराम सिंह, पिता मनोज सिंह, माता अनीता देवी, भाई संदीप सिंह, फुफा डॉ राजकिशोर सिंह फूले नहीं समा रहे थे। मुखिया रामाजी साह ने कहा कि प्रदीप ने संपूर्ण पंचायतवासियों का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। बाद में हथुआ पैलेस में महाराज बहादुर मृगेन्द्र प्रताप साही ने प्रदीप व उनके परिजनों को सम्मानित किया।
कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता है: प्रदीप
आईएएस प्रदीप ने कहा कि कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता है। पर्वत तोड़ा जा सकता है, आसमान में छेद किया जा सकता है। आज के युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सपने जरूर देखे और उनको पूरा करने में अपना सर्वस्व लगा दें। सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनका व उनके परिवार का जीवन संघर्ष से भरा है। पिता ने इंदौर में एक पेट्रोल पंप पर सर्विस मैन की नौकरी करते हुए किसी तरह परिवार को पाला। साथ ही काफी गरीबी व विपरित परिस्थिति में पढ़ाया। पढ़ाई में आने वाले खर्च के लिए अपने पैतृक जमीन को भी बेच दिया। बचपन से सपना था कि समाज के लिए कुछ किया जाए। ऐसे में आईएएस में चयन होने से समाज सेवा के लिए एक बेहतर प्लेटफॉर्म मिल गया है। ज्ञात हो कि प्रदीप अपने माता-पिता व एक भाई के साथ पिछले 22 साल से इंदौर में रह रहे है। ग्रेजुएशन तक इंदौर में पढ़ाई करने के बाद प्रदीप दिल्ली यूपीएएसी की तैयारी के लिए गए। बावजूद इसके प्रदीप बिहार कैडर में आकर अपने मातृभूमि को कर्मभूमि बनाना चाहते है। यूपीएससी में प्रदीप का यह पहला प्रयास था। जिसमें इंग्लिश माध्यम से उनका विषय सोशियोलॉजी था।
हथुआ पैलेस में हुआ स्वागत
प्रदीप व उनके परिजनों का हथुआ पैलेस में गर्मजोशी से स्वागत हथुआ महाराज बहादुर मृगेन्द्र प्रताप साही ने किया। महाराज ने प्रदीप व उनके परिजनों को सम्मानित करते हुए बधाईयां दी। साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। महाराज ने समाज सेवा करने, जीवन में हमेशा सच्चाई के रास्ते पर चलने तथा माता-पिता व परिजनों के योगदान को हमेशा याद रखने की नसीहत दी। साथ ही जीवन में आने वाले संघर्षो के बारे में कई टिप्स दिए।
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