अन्तर्धामिक विवाह की अश्लीलता
दिनेश सिंह
‘लव-जेहाद’ शब्द अब भागलपुर से चलकर मुगेर पहुंच गया है और पंचायत चुनाव के बाद इसकी चर्चा कुछ ज्यादा जोर पकड़ रही है। खबर के अनुसार भागलपुर मे एक के बाद एक कई दर्जन लड़कियां घर से भागी और पता चलता रहा की या तो वे धर्म बदल कर किसी की व्याहिता हो चुकी हैं या लहू लुहान होकर अपना सब कुछ गंवा कर ‘न घर का न घाट का’ की स्थिति मे पहुंच कर रह गयीं हैं।
बड़े- बड़ै सब्जबाग दिखाकर और हजारों रुपए प्रतिदिन लुटा कर अपनी समृद्धि का नंगा प्रदर्शन करने वाले की जाल मे फंसकर व्याहिता बनी एक लड़की की दास्तान चौकाने वाली थी। सच्चाई यह थी कि वह अंडा बेचने वाले का अनपढ़ बेटा था। भागलपुर की यह अनेक दास्तां हैं और इस तरह की घटनाओं पर इसलिए मिट्टी डालकर दफन करने की कोशिश होती है कि आगे बाल बच्चों से कौन शादी करेगा?
सवाल यह है कि इस तरह के धोखाधड़ी के मुहिम को कौन चला रहा है? इसके लिए कहां से फिनांस हो रहा है? कैसे एक अंडा बेचने वाले का बेटा लव के इजहार मे लाखों रु. पानी के तरह बहा दे रहा है?
हालांकि इस तरह की घटनाओं के बाद हिंदु संगठनों खासकर आरएसएस और उसके धर्म जागरण संगठन की अचानक सक्रियता से भागलपुर मे अंकुश लगा है मगर यह आसपास के शहरों मे फैल रहा है। भागलपुर मे तमाम हवा होने के बावजूद भाजपा के शाहनवाज हुसैन के पराजय का बड़ा कारण भी इस तरह की घटनाएं भी रही है। इस मामले मे उनकी संदिग्ध भूमिका को संघ ने पसंद नहीं किया था।
अब बात रही मुंगेर की। अपने जमाने की खूबसूरत मसहूर तवायफ शायरा बानो ने इस काम का कमान अपने हांथों मे लिया है। वे पहले जदयू नेताओं के संपर्क मे आयी। अपनी कमसीन अदाओं का जलवा बिखेरते हुए जिला परिषद का चुनाव लड़ीं और जीती। उनकी अदाओं से पटना भी नहीं बचा और सरकार के समर्थन और प्रभाव से जिला परिषद की अध्यक्ष बन गयीं। अगला चुनाव हार गई मगर सत्ता मेहरबान तो आयोगों में जगह पाना आसान।
मुंगेर जिले की भाजपा नेत्री और प्रदेश महिला मोर्चा की महामंत्री अनु भारद्वाज की बेटी जहान्वी भारद्वाज ने शायरा बानो के बेटे इम्तियाज राज बहलवी की बेगम बनी है और धर्म परिवर्तन के नाम के बाद नया नाम रखा है जाह्वी रजा वहलवी। राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए भाजपा नेत्री का यह सौदा किसी बड़े पैकेज का डील माना जा रहा है। लव जेहाद की प्राथमिकता भाजपा और हिंदू के कट्टर नेताओं की लड़कियां है जिसके लिए अपार धन के अलावा बहुत कुछ लुटाने के लिए तैयार हैं।
निकाह हुई और जाह्वी रजा वहलवी बनते ही मुस्लिम के गढ़ से मुखिया उम्मीदवार के लिए चुनाव मैदान मे उतर गई। भारी मतों से जीती। बहलवी की माता जी अनु भारद्वाज उसी क्षेत्र से जिला परिषद के लिए लड़ी। नारा था एक बोट जेहाद को और दूसरा सासू मां के लेहाज को। इस सासू मां के लेहाज के नाम अच्छा वोट बटोरी। सासू मां इस नए रिश्ते से खुश हुई। -(दिनेश सिंह के फेसबुक वॉल)
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